प्रभु श्रीराम के जन्म लेते ही अयोध्या नगरी आनंद व उल्लास से झूम उठी
नगर के मुख्य बाजार स्थित प्रसिद्ध धार्मिक धरोहर प्राचीन काली मंदिर में महाआरती के 16वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित दो दिवसीय धार्मिक समारोह के दूसरे दिन सोमवार को श्रद्धा भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा
हवेली खड़गपुर नगर के मुख्य बाजार स्थित प्रसिद्ध धार्मिक धरोहर प्राचीन काली मंदिर में महाआरती के 16वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित दो दिवसीय धार्मिक समारोह के दूसरे दिन सोमवार को श्रद्धा भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा. पंडित मायानंद मिश्रा के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दूसरे दिन का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ. वहीं स्थानीय गणेश कीर्तन मंडली के रामलोचन पासवान, घनश्याम मंडल, राकेश कुमार, किशोरी मांझी, रमाकांत कुमार, सन्नी झा ने भजन की प्रस्तुति की. मौके पर कथावाचक विष्णु प्रिया ने अयोध्या के महाराज दशरथ के पुत्र प्राप्ति के लिए किए गए पुत्रेष्टि यज्ञ, देवताओं की व्यथा और भगवान विष्णु के अवतार लेने के निर्णय का सजीव वर्णन किया. उन्होंने बताया कि चैत्र शुक्ल नवमी के पावन दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ. जिससे अयोध्या नगरी आनंद और उल्लास से भर उठी. कथावाचन के दौरान जैसे ही रामजन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा. कथावाचिका ने कहा कि भगवान श्रीराम का जन्म अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ. उनका जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य का अनुपम उदाहरण है. जिसे आत्मसात कर मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है. उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान राम के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया. मौके पर पूजा अर्चना समिति के संयोजक मनोज कुमार रघु, उपाध्यक्ष कैलाश केशरी, मनोज कुमार सिंह, संजीव कुमार, राकेश कुमार, टिंकू कुमार, विनोद ठाकुर, विनोद केशरी सहित बड़ी संख्या में धर्मानुरागी मौजूद थे.
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