नंगे बिजली तार के मकड़जाल में उलझा है शहर, जोखिम में जान

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सिर के ऊपर लटक रहे बिजली के तार और मुख्य बाजार के साथ ही गली-मुहल्लों में नंगे तारों का मकड़जाल किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित करता नजर आ रहा है.

हल्की आंधी व बारिश में टूट जाते हैं तार, ठप हो जाती है विद्युत आपूर्ति

मुंगेर. शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सिर के ऊपर लटक रहे बिजली के तार और मुख्य बाजार के साथ ही गली-मुहल्लों में नंगे तारों का मकड़जाल किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित करता नजर आ रहा है. जो स्थानीय लोगों के अलावा आने जाने वाले लोगों के लिए खतरे का संकेत है. शहर में तारों का मकड़जाल इस कदर उलझा है कि किसी उपभोक्ता के घर की बिजली फाॅल्ट होने पर इसे ठीक करने में भी बिजली विभाग के कर्मी उलझे रहते है. जबकि पिछले कई वर्षों से जिले में नंगे तार को बदल कर केवल कवर वायर लगाने की कवायद चल रही है. जिसकी रफ्तार काफी धीमी है. हाल यह है कि हल्की आंधी और बारिश में घंटे-दो घंटे नहीं बल्कि 10-10 घंटे तक बिजली ठप हो जाती है.

मात्र 15 किलोमीटर कवर वायर में तब्दील हुआ शहर

मुंगेर शहर में सुरक्षित विद्युत आपूर्ति के लिए पिछले कई वर्ष से नंगे तार को हटा कर कवर वायर लगाने की योजना चल रही है. कई कंपनी आये और कई कंपनी चले भी गये. लेकिन शहर में नंगे तार को हटा कर कवर वायर लगाने की रफ्तार काफी धीमी है. विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुंगेर शहर में लगभग 120 किलोमीटर तक एलटी तार का जाल फैला हुआ है. जिसे हटा कर उसके स्थान पर कवर वायर लगाना है. चार सालों में मात्र 15 से किलोमीटर ही एलटी तार की बदली कर कवर वायर में तब्दील किया जा सका है. जबकि हाईटेंशन तार को लगभग कवर वायर में 70 प्रतिशत से अधिक कवर वायर में तब्दील करने का विभाग दावा कर रही है.

पोल पर लटक रहा तारों का गुच्छा

लगातार शहर का विस्तार हो रहा है और विद्युत पोल पर तारों का मकड़जाल बढ़ता जा रहा है. इससे आज स्थिति यह है कि पूरा शहर तारों के मकड़जाल में उलझा पड़ा है. शहर का हर चौक चौराहा व गली मुहल्ला, कोई भी एरिया इससे अछूता नहीं है. शहर के मुख्य बाजार के अलावे गुलजार पोखर, पूरबसरासय, बड़ा बाजार, शीतला स्थान, नीलम रोड़, मुर्गियाचक, दिलावरपुर, कौड़ा मैदान, शादीपुर, बेकापुर ऐसा कोई भी इलाका अछूता नहीं है, जहां तारों का मकड़जाल नहीं है. विभागीय स्तर पर भले ही पोल पर डीबी बॉक्स लगा कर कनेक्शन देने का दावा किया जा रहा है. लेकिन आज भी पोल पर तारों का गुच्छा लटक रहा है. जो कभी भी स्थानीय निवासियों के साथ ही राहगीरों के जान को जोखिम में डाल सकता है.

हल्की आंधी व बारिश में ठप हो जाती है बिजली

मुंगेर में जर्जर विद्युत पोल व तार की स्थिति यह है कि हल्की आंधी और बारिश में भी शहर से लेकर गांव तक विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है. रविवार की रात लगभग 9 बजे आंधी और बारिश आयी. इसके साथ ही बिजली आपूर्ति भी ठप हो गयी. कई इलाकों में तार टूट कर गिर गये, तो कई इलाकों में इंसुलेटर व अन्य सामग्री तक बर्बाद हो गये. जिसके कारण कई इलाकों में 10-10 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही. रायसर मुहल्ले में सोमवार की सुबह विद्युति आपूति बहाल हो सकी.

केबल व इंटरनेट नेटवर्किंग तार का फैला है जाल

मुंगेर. शहर में केबल व इंटरनेट नेटवर्किंग का तार भी फैला हुआ है. बीएसएनएल के पोल व बिजली विभाग के पोल पर केबल व इंटरनेट नेटवर्किंग के तार को दौड़ाया गया है. हद तो यह है कि विद्युत तार के साथ ही शहर में केबल व इंटरनेट नेटवर्किंग का तार दौड़ रहा है. जब कोई भी तार टूटता है तो उसे दुरुस्त करने में मिस्त्री को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लेकिन विद्युत विभाग अनाधिकृत रूप सें दौड़ी तार को हटाने की दिशा में कोई पहल नहीं कर रही है. हद तो यह है कि जेनरेटर संचालक भी अपने तारों को इसी पोल के सहारे टांग रखा है.

डीबी बॉक्स में लगातार लग रही आग, परेशान राहगीर

मुंगेर. विभागीय स्तर पर पोल पर डीबी बॉक्स लगाकर घरों के अलावे दुकान व प्रतिष्ठान में कनेक्शन दिया जा रहा है. लेकिन डीबी बॉक्स की क्षमता काफी कम होती है और लोड अधिक है. जबकि सही से डीबी बॉक्स में तारों को नहीं लगाया जाता है. जिसके कारण हमेशा कहीं न कहीं डीबी बॉक्स में आग लगने कि शिकायत सामने आती रहती है. दो दिन पूर्व मोंटे कार्लो शोरूम के समीप भी डीबी बॉक्स में आग लग गयी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया था. सभी पुराने तारों को बदलने का काम प्राइवेट कंपनियों को दिया गया है. जिस मुहल्ले में पोल की आवश्यकता है, उसे भी प्राइवेट कंपनियों द्वारा बदली किया जा रहा है. धीरे-धीरे सभी समस्याओं को हल कर लिया जायेगा.

-पंकज कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंताB

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By MD. TAZIM

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