राष्ट्रगान अपमान को लेकर कुलपति व कुलसचिव के विरूद्ध अभाविप ने दिया आवेदन

13 फरवरी को सनीट बैठक के दौरान राष्ट्रगान के समय सभी सीनेट सदस्य खड़े होकर सावधान की मुद्रा में राष्ट्रगान का गायन कर रहे थे.

प्रतिनिधि, मुंगेर

मुंगेर विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सभागार में 13 फरवरी को हुये सीनेट बैठक के दौरान कुलपति प्रो. संजय कुमार और कुलसचिव प्रो. घनश्याम राय द्वारा कथित राष्ट्रगान के अपमान ने अब तूल पकड़ लिया है. मामले को लेकर मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पूरबसराय थाने में आवेदन देकर राष्ट्रगान का अपमान करने को लेकर आवेदन दिया है. जिसमें छात्र नेता ने कुलपति और कुलसचिव के विरूद्ध न्याय संगत कार्यवाही करने का अनुरोध किया है.

छात्र नेता ने थाने में दिया आवेदन

मंगलवार को अभाविप छात्र नेता नितिश कुमार पासवान ने पूबरसराय थाना में कुलपति एवं कुलसचिव द्वारा राष्ट्रगान का अपमान करने को लेकर आवेदन दिया है. जिसमें कहा है कि वह एमयू में पढ़ाई कर रहा है और अभाविप से जुड़ा है. 13 फरवरी को विश्वविद्यालय में सीनेट की बैठक चल रही थी. बैठक के समापन पर सरकार के प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान की परंपरा प्रारंभ की गयी. उसी परंपरा के तहत 13 फरवरी को सनीट बैठक के दौरान राष्ट्रगान के समय सभी सीनेट सदस्य खड़े होकर सावधान की मुद्रा में राष्ट्रगान का गायन कर रहे थे. जबकि इस बीच राष्ट्रगान के दौरान ही कुलपति प्रो संजय कुमार और कुलसचिव प्रो घनश्याम राय फाइलों, कागजातों और अपनी टोपी संभालने में व्यस्थ रहे. जिसका फोटो एवं विडियो सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से वायरल हो रहा है. इस घटना से विश्वविद्यालय की छवि धुमिल हो रही है. साथ ही छात्र-छात्राओं एवं जनमानस के बीच गलत संदेश भी जा रहा है कि राष्ट्रगान की अवमानना शिक्षा के मंदिर में सर्वोच्च पद पर बैठे पदाधिकारी द्वारा किया गया. जिससे विद्यार्थी और जनमानस की भावना आहत हुयी है. ऐसे में राष्ट्रगान का अपमान करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध न्याय संगत कार्यवाही की जाये.

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By AMIT JHA

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