मुंगेर विश्वविद्यालय के छात्र दरबार रद्द किये जाने पर छात्र नेताओं ने व्यक्त की नाराजगी

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पूर्व घोषित छात्र दरबार को अचानक और बिना किसी ठोस कारण के स्थगित कर दिया.

मुंगेर

मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा अपरिहार्य कारणों से ठीक एक दिन पहले छात्र दरबार रद्द किये जाने पर कई छात्र नेताओं ने नाराजगी व्यक्त की है. साथ ही विश्वविद्यालय के लापरवाही के कारण विद्यार्थियों को हो रही परेशानी पर भी निंदा व्यक्त की है. बता दें कि विश्वविद्यालय द्वारा पहले 25 मार्च बुधवार को छात्र दरबार आयोजित करने की सूचना जारी की गयी थी. जिसमें 18 से 22 मार्च तक विद्यार्थियों से वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत भी मांगा गया. इसमें लगभग 700 विद्यार्थियों ने अपनी शिकायत भी दर्ज करायी, लेकिन छात्र दरबार के ठीक एक दिन पहले विश्वविद्यालय द्वारा 24 मार्च को अपरिहार्य कारण बताते हुये छात्र दरबार को रद्द कर दिया है.

छात्र नेताओं ने जताई नाराजगी

बिना किसी ठाेस कारण के छात्र दरबार को स्थगित किये जाने के बाद छात्र राजद नेता ईशु यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है. छात्र दरबार को अचानक स्थगित करना छात्रों के साथ विश्वासघात है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पूर्व घोषित छात्र दरबार को अचानक और बिना किसी ठोस कारण के स्थगित कर दिया. जो विश्वविद्यालय प्रशासन की संवेदनहीनता और छात्रों की समस्याओं के प्रति लापरवाही है.

विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हित का नहीं है सरोकार

एमयू के सीनेट सदस्य सह अभाविप नेता विक्की आनंद ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का छात्र हितों से कोई सरोकार नहीं है. पिछले माह सीनेट की बैठक में यह तय किया गया था कि छात्रों की समस्याओं के निष्पादन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र दरबार लगाया जाएगा. छात्र व छात्र संगठनों द्वारा इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया गया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन पुनः एक बार अपनी गैरजिम्मेदाराना रवैया और लापरवाही का प्रदर्शन किया और 25 मार्च को लगने वाले छात्र दरबार को बिना किसी स्पष्ट कारण के स्थगित कर दिया गया. जो की घोर निंदनीय है.

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By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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