किसी भी वैश्विक पहल का उद्देश्य मानव सभ्यता एवं सृष्टि सृजन का सकारात्मक होना - डीएसडब्लयू
डीएसडब्ल्यू ने ग्लोबल वैल्यू चैन पर अपना दर्शन प्रकट करते हुए उन्होंने मानव मूल्य की चर्चा की.
By AMIT JHA | Updated at :
– डीजे कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ समापन
मुंगेर
मुंगेर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र व वाणिज्य पीजी विभाग द्वारा आरडी एंड डीजे कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का बुधवार को समापन हो गया. सेमीनार के दूसरे दिन ऑनलाइन और ऑफलाइन कई सत्रों का संचालन किया गया. जिसमें वक्ताओं और शोधार्थियों ने सेमिनार के विषय ग्लोबल वैल्यू चेन एंड इंडियन इकोनामी विस्टास एंड चैलेंजेज पर अपने विचार प्रकट किये.
सेमिनार के पहले सत्र में बीसीए लैब में टेक्निकल सेशन 2 ऑनलाइन और ऑडिटोरियम में टेक्निकल सेशन 3 ऑफलाइन आयोजित किया गया. टेक्निकल सेशन 2 में डॉ गोपाल प्रसाद चौधरी ने अध्यक्षता की. जबकि सेशन के संचालन में डॉ कुंडल कुमार और डॉ कंचन सिंह ने सहयोग दिया. इस दौरान लगभग 50 प्रतिभागियों ने गूगल मीट पर ऑनलाइन शोध पत्र प्रस्तुत किया. टेक्निकल सेशन 3 की अध्यक्षता वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ राज मनोहर ने किया. जबकि संचालन डॉ संजय मांझी और डॉ संजय कुमार ने किया. इस दौरान लगभग 60 सदस्यों ने अपना विचार प्रकट किया.
समापन सत्र में वक्ताओं ने रखे अपने विचार
राष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे सत्र में समापन समारोह आयोजित किया गया. इसकी अध्यक्षता डीएसडब्ल्यू प्रो महेश्वर मिश्र ने किया. विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ गोपाल प्रसाद चौधरी, डॉ विद्या कुमार चौधरी, सेमिनार चेयरपर्सन डॉ रंजना सिंह, आरडी एंड डीजे कॉलेज के प्राचार्य प्रो बिजेंद्र कुमार और सेमिनार के संयोजक डॉ मनोज मंडल थे. मंच सचालन सेमिनार के आयोजन सचिव एवं वाणिज्य विभागाध्यक्ष मुनींद्र कुमार सिंह ने किया. समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. डीएसडब्ल्यू ने ग्लोबल वैल्यू चैन पर अपना दर्शन प्रकट करते हुए उन्होंने मानव मूल्य की चर्चा की. उन्होंने कहा कि किसी भी वैश्विक पहल का उद्देश्य मानव सभ्यता एवं सृष्टि सृजन के लिए सकारात्मक होना चाहिए. बताया गया कि सेमिनार में कुल 200 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया. सेमिनार के दूसरे दिन लगभग 110 प्रस्तुतीकरण विभिन्न टेक्निकल सेशन में संपन्न हुआ. कार्यक्रम को सफल बनाने में सिद्धार्थ, करण, सुमित आनंद, ज्ञानवी सिन्हा, ईशा राज, कौशल कुमार मिश्रा, डॉ अनीश अहमद, डॉ प्रभाकर पोद्दार, डॉ संध्या सेठ, डॉ निलयश्री आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही.