Doctor Duty Monitoring : सदर अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी पर अब राज्य स्तर से सीधी नजर रखी जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के सिविल सर्जनों को विशेष निर्देश जारी किया है. इसके तहत चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी सेवाओं की निगरानी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पटना से की जाएगी.
रोस्टर के अनुसार उपस्थिति होगी अनिवार्य
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि सरकारी अस्पतालों में रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने, आईसीयू की क्रियाशीलता बनाए रखने और 24×7 इमरजेंसी सेवा संचालित करने के लिए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति जरूरी है.
सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को रोस्टर के अनुसार अपने निर्धारित कार्यस्थल पर मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है. अब उनकी उपस्थिति की नियमित समीक्षा राज्य स्तर पर बने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी.
अनुपस्थित कर्मियों पर होगी कार्रवाई
विभागीय निर्देश के अनुसार निगरानी के दौरान यदि कोई चिकित्सक या स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है, तो इसकी सूचना कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी. इसके बाद संबंधित कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
सदर और अनुमंडल अस्पतालों में बढ़ेगी सुरक्षा
नई रेफरल व्यवस्था लागू होने के बाद सदर अस्पताल और अनुमंडल अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत करने का निर्देश दिया गया है.
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि विशेष परिस्थितियों में ही मरीजों को बड़े अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में रेफर किया जाएगा. इसके लिए सदर और अनुमंडल अस्पतालों में 24 घंटे आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावी रूप से संचालित करना जरूरी है.
चिकित्सकों और कर्मियों की सुरक्षा पर जोर
विभाग ने अस्पतालों में भीड़ नियंत्रण और चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा है. सिविल सर्जन को एजेंसी के माध्यम से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने का निर्देश दिया गया है, ताकि ड्यूटी के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त निर्देश के अनुसार सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को रोस्टर के अनुरूप ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहने को कहा गया है. साथ ही अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए संबंधित एजेंसी को भी निर्देशित किया गया है.
