श्रीकृष्ण सेतु पथ पर न लगा हाइट गेज और न ही शहर में लागू हुई नयी ट्रैफिक व्यवस्था
श्रीकृष्ण सेतु पथ पर न लगा हाइट गेज और न ही शहर में लागू हुई नयी ट्रैफिक व्यवस्था
फाइलों में सिमट गया ट्रैफिक सुधार का प्लान, शहर में अब भी जाम से लोग बेहाल
मुंगेर. शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पिछले दिनों जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई फैसले लिये गये. जिलाधिकारी निखिल धनराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में जहां शहर में नये ट्रैफिक प्लान बनाने, रफ ड्राइविंग पर कार्रवाई, श्रीकृष्ण सेतु पर हाइट गेज लगाने जैसे कई निर्णय लिए गए थे, लेकिन विडंबना यह है कि बैठक में लिए गए अधिकांश फैसले अब तक धरातल पर लागू नहीं हो सकी हैं. नतीजतन शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दिन-प्रतिदिन बदहाल होती जा रही है.
एक जून तक ट्रैफिक प्लान बनाने की घोषणा रही अधूरी
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि शहर में लगातार लग रहे जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए एक जून तक नया ट्रैफिक प्लान तैयार कर लागू किया जाए. इसके तहत मुख्य चौक-चौराहों पर यातायात संचालन की नई व्यवस्था, वन-वे सिस्टम, पार्किंग नियंत्रण और भारी वाहनों के परिचालन पर रणनीति तैयार करने की बात कही गयी थी, लेकिन तय समय गुजर जाने के बाद भी नया ट्रैफिक प्लान धरातल पर दिखायी नहीं दे रही है. क्योंकि डीएम के आदेशों को जिम्मेदारों ने अनसुना कर दिया. प्रशासन की मानें तो सिर्फ मुंगेर-जमालपुर मार्ग में नया ट्रैफिक व्यवस्था लागू है. जिसके तहत जमालपुर जाने के लिए मुंगेर स्टैंड से भगत सिंह चौक, कौड़ा मैदान, अंबे चौक, कोर्णाक मोड़ के मार्ग का उपयोग किया जायेगा, जबकि वापसी में कोर्णाक मोड़, अंबे चौक, शाहजुबेर रोड, दिलीप बाबू धर्मशाला, मुंगेर रेलवे स्टेशन से सीधे कोतवाली मोड़ होते हुए स्टैंड जायेगी. लेकिन यह धरातल पर कहीं नहीं दिख रही है.
श्रीकृष्ण सेतु पर अब तक नहीं लगा हाइट गेज
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद श्रीकृष्ण सेतु पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है. इसे देखते हुए बैठक में 20 टन से अधिक क्षमता वाले वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पुल के दोनों ओर हाइट गेज लगाने का निर्देश दिया गया था. साथ ही फोर्स की तैनाती की भी बात कही गयी थी, लेकिन अब तक हाइट गेज नहीं लगी है. परिणामस्वरूप भारी वाहनों का दबाव लगातार बना हुआ है, जिससे पुल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है. आम लोगों का कहना है कि प्रशासन ने घोषणा तो कर दी, लेकिन क्रियान्वयन की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई.
स्कूलों के सामने नहीं बना जेब्रा क्रॉसिंग
डीएम ने सरकारी विद्यालयों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जेब्रा क्रॉसिंग और रोड साइनेज लगाने का निर्देश दिया था. बावजूद इसके हाइवे पर अधिकांश स्कूलों के सामने आज भी सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं. तेज रफ्तार वाहनों के बीच स्कूली बच्चों को सड़क पार करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
कहते है डीटीओ
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि नई व्यवस्था को तत्काल मुंगेर-जमालपुर मार्ग में किया गया. शीघ ही अन्य मार्गों में भी नई प्लालिंग के साथ नई व्यवस्था को लागू किया जायेगा.