एक कर्मी के भरोसे सदर अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट, रात में वैक्लपिक व्यवस्था के भरोसे मरीज

ऑक्सीजन किसी भी मरीज के लिए सबसे पहली और आवश्यक दवा होती है.

बीते दिनों अस्पताल के आइसीयू वार्ड में हुई थी मरीज की मौत

परिजनों के आरोप के बावजूद ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर प्रबंधन लापरवाह

मुंगेर. ऑक्सीजन किसी भी मरीज के लिए सबसे पहली और आवश्यक दवा होती है. इसके लिए सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर सदर अस्पताल में एक हजार एमएलटी का ऑक्सीजन प्लांट भी लगाया है, लेकिन मुंगेर सदर अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट केवल एक कर्मी के ही भरोसे चल रहा है, जिसके कारण अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का संचालन सुबह 9.30 से शाम 6 बजे तक ही होता है. यह हाल तब है, जब बीते दिनों ही अस्पताल के आइसीयू वार्ड में एक महिला मरीज की मौत होने पर परिजनों ने ऑक्सीजन की कमी होने का आरोप अस्पताल प्रबंधन पर लगाया गया था.

2021 में लगाया गया है एक हजार एमएलटी क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट

बता दें कि साल 2021 में सरकार द्वारा सदर अस्पताल में एक हजार एमएलटी क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है. इसके संचालन की जिम्मेदारी बीएमएसआइसीएल द्वारा उर्मिला एजेंसी को दी गयी है. जिसके द्वारा दो कर्मियों को ऑक्सीजन प्लांट संचालन के लिए दिया गया, लेकिन इसमें से एक कर्मी का चयन रेलवे में होने के बाद वह चला गया, जिसके बाद लगभग दो साल से सदर अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का संचालन मात्र एक कर्मी के भरोसे ही हो रहा है. हालांकि प्राप्त जानकारी के अनुसार नये एजेंसी के रूप में ऑक्सीन प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया है, जो अब सदर अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के संचालन का जिम्मेदारी निभायेगी.

सुबह 9.30 से शाम 6 बजे तक ही होता है ऑक्सीजन प्लांट का संचालन

वैसे तो नियमानुसार सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का संचालन 24×7 होना है, लेकिन मात्र एक कर्मी के कारण वर्तमान में ऑक्सीजन प्लांंट का संचालन सुबह 9.30 बजे से शाम 6 बजे तक ही हो रहा है. जिसके बाद शाम 7 बजे से अगले दिन सुबह 9 बजे तक सदर अस्पताल में भर्ती मरीज ऑक्सीजन के वैक्लपिक व्यवस्था जैसे ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के भरोसे ही होते हैं. इतना ही नहीं, मॉडल अस्पताल में पुरुष मेडिकल, सर्जिकल वार्ड सहित आइसीयूू वार्ड शिफ्ट होने के बाद अबतक केवल आइसीयू व इमरजेंसी वार्ड में ही पाइपलाइन के सहारे बेड तक ऑक्सीजन सप्लाय आरंभ हो पाया है. बता दें कि बीते दिनों अस्पताल के आइसीयू वार्ड में एक 70 वर्षीय महिला की मौत के बाद परिजनों द्वारा सही समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण ही मरीज की मौत का आरोप लगाया था. साथ ही आइसीयू वार्ड में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ भी की गयी थी. ऑक्सीजन प्लांट से आइसीयू, इमरजेंसी सहित अन्य वार्ड में ऑक्सीजन की आपूर्ति आरंभ कर दी गयी है. हालांकि ऑक्सीजन प्लांट संचालन के लिए बीएमएसआइसीएल द्वारा एजेंसी का चयन किया जाता है, जिसे लेकर बीएमएसआइसीएल से बात की गयी है.

डॉ रामप्रवेश प्रसाद, सिविल सर्जनB

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By AMIT JHA

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