मलमास मेला : ऋषिकुंड के गर्म जलकुंड में स्नान करने के लिए पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु

Munger News : मुंगेर का प्रसिद्ध ऋषिकुंड इन दिनों आस्था के रंग में सराबोर है. मलमास मेले में हर दिन हजारों श्रद्धालु गर्म जलकुंड में पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं. धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और मेले की रौनक से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया है.

मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट

Munger News : मुंगेर जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले ऋषिकुंड में आयोजित मलमास मेला श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. मलमास के पावन अवसर पर बिहार सहित विभिन्न राज्यों और जिलों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं. प्राकृतिक गर्म जलकुंड में स्नान के बाद श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं. मेले में लगातार बढ़ रही भीड़ से पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिल रहा है.

मलमास में ऋषिकुंड में स्नान करने की मान्यता

मलमास के दौरान ऋषिकुंड में स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. मान्यता है कि इस पवित्र अवधि में यहां स्नान और भगवान की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. यही वजह है कि प्रतिदिन सुबह से देर शाम तक हजारों श्रद्धालु ऋषिकुंड पहुंचकर गर्म जलकुंड में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं.श्रद्धालुओं की लंबी कतारें और धार्मिक जयघोष पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहे हैं.

धार्मिक आस्था के साथ मेले की भी बढ़ी रौनक

मलमास मेले में केवल धार्मिक गतिविधियां ही नहीं, बल्कि व्यापारिक और सांस्कृतिक चहल-पहल भी देखने को मिल रही है. मेले में खानपान, श्रृंगार प्रसाधन, खिलौने और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दर्जनों दुकानें सजाई गई हैं.दुकानों पर खरीदारों की भीड़ से स्थानीय व्यापारियों और छोटे दुकानदारों में उत्साह है. मेले के कारण क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है.

सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विशेष इंतजाम

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. मेले परिसर और प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है. भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है.इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सके.

स्थानीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बना मेला

ऋषिकुंड मलमास मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का भी महत्वपूर्ण केंद्र है. हर वर्ष यह मेला हजारों लोगों को एक मंच पर जोड़ता है और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है.

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है भीड़

प्रशासन का अनुमान है कि मलमास के प्रमुख दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ सकती है. ऐसे में मेले की व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है. श्रद्धालुओं से भी प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.

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Author: AMIT KUMAR SINH

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