शहीद रामफल मंडल पर डाक टिकट जारी करेगी सरकार, मुंगेर में शहादत दिवस पर उठी बड़ी मांग

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामफल मंडल को भारत सरकार द्वारा डाक टिकट जारी कर सम्मानित किया जाएगा. यह उनके दो दशक के संघर्ष की पहली बड़ी सरकारी मान्यता है. उनकी जीवनी को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी मांग उठी है.

Ramphal Mandal Postage Stamp: स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले अमर शहीद रामफल मंडल को अब सरकारी स्तर पर सम्मान मिलने जा रहा है. मुंगेर के दलहट्टा दुर्गा स्थान परिसर में रविवार को आयोजित शहादत दिवस समारोह में विधायक नचिकेता मंडल ने कहा कि भारत सरकार शहीद रामफल मंडल पर डाक टिकट जारी कर रही है. उन्होंने इसे पिछले दो दशकों से चल रहे संघर्ष की पहली बड़ी सरकारी मान्यता बताया.

अति पिछड़ा सेना की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शहीद रामफल मंडल को श्रद्धांजलि दी गयी. समारोह की अध्यक्षता सेना के संयोजक मुनीलाल मंडल ने की. विधायक नचिकेता मंडल मुख्य अतिथि और जदयू जिलाध्यक्ष सौरभ निधि विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे.

‘दो दशक के संघर्ष को पहली बार सरकारी मान्यता’

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक नचिकेता मंडल ने कहा कि मधुबनी जिले के झंझारपुर सांसद रामप्रीत मंडल के प्रयासों से भारत सरकार शहीद रामफल मंडल पर डाक टिकट जारी कर रही है.

उन्होंने कहा कि रामफल मंडल को सम्मान दिलाने के लिए पिछले करीब दो दशकों से लगातार प्रयास किया जा रहा था. अब पहली बार इस प्रयास को सरकारी स्तर पर मान्यता मिलने जा रही है.

विधायक ने कहा कि शहीद रामफल मंडल अति पिछड़ा समाज की ओर से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में दिये गये योगदान की महत्वपूर्ण प्रतिमूर्ति हैं. उनके जीवन और संघर्ष को व्यापक स्तर पर सामने लाने की जरूरत है.

स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल हो जीवनी

समारोह में शहीद रामफल मंडल के जीवन और संघर्ष पर शोध कराने की मांग भी उठी. विधायक ने कहा कि उनकी जीवनी को बिहार के विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल कराने की दिशा में प्रयास होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता आंदोलन में अलग-अलग सामाजिक वर्गों के योगदान की जानकारी मिलनी चाहिए. रामफल मंडल के संघर्ष और शहादत को भी इसी व्यापक इतिहास का हिस्सा बनाया जाना जरूरी है.

जन्मभूमि पर भी होगा कार्यक्रम

विधायक ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और मंत्री दामोदर रावत के साथ मथुरापुर, सीतामढ़ी में शहीद रामफल मंडल की जन्मभूमि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि अब बिहार के सभी जिलों में रामफल मंडल की शहादत दिवस मनाने का प्रयास हो रहा है. इससे उनके जीवन और योगदान को अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.

‘शोषित और पीड़ितों की आवाज बनें’

विशिष्ट अतिथि जदयू जिलाध्यक्ष सौरभ निधि ने शहीद रामफल मंडल के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि उनके संघर्ष को आदर्श मानते हुए समाज के शोषित और पीड़ित लोगों की आवाज बनना चाहिए और उनके न्याय के लिए संघर्ष करना चाहिए.

कार्यक्रम के दौरान मुंगेर मेडिकल कॉलेज और मुंगेर विश्वविद्यालय का नाम पूर्व सांसद ब्रह्मानंद मंडल के नाम पर करने की मांग भी उठायी गयी.

Ramphal Mandal Postage Stamp: तस्वीर पर माल्यार्पण, 11 सूत्री प्रस्ताव पारित

समारोह में शहीद रामफल मंडल की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. इसके बाद विभिन्न मांगों और सामाजिक मुद्दों को लेकर 11 सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया.

कार्यक्रम में रामजीवन मंडल, डॉ रामानंद प्रसाद सिंह, विनय कुमार सिंह, मिथिलेश मंडल, संजय कुमार, ओम जय कुमार, शिव शंकर मंडल, सोहन मंडल, नीरज मंडल, विनय कुमार पटेल, पंकज कुमार, प्रमोद कुमार, नंदकिशोर मंडल, अशोक कुमार मंडल, आनंदी मंडल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.

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लेखक के बारे में

By विजय कुमार गुप्ता

विजय कुमार गुप्ता 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ये सामाजिक, राजनीतिक और आपराधिक नब्ज को करीब से समझते हैं. इन्हें डिजिटल मीडिया में नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल के साथ प्रयोग करना बेहद पसंद है.

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