गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि और बाढ़ की विकराल होती स्थिति को देखते हुए मुंगेर जिला प्रशासन ने आम लोगों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. प्रशासन ने नदी किनारे, तटबंध एवं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेने की अपील की है. प्रशासन की ओर से कहा गया है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी, घाट, तटबंध एवं निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाएं. बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने को कहा गया है. प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों की जानकारी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल वहां पहुंचने की सलाह दी गयी है.
नौकायन और सेल्फी जैसी जोखिमपूर्ण गतिविधियों से बचें
बाढ़ के दौरान नदी में स्नान, नौकायन, नाव से अनावश्यक आवागमन तथा सेल्फी लेने जैसी जोखिमपूर्ण गतिविधियों से पूरी तरह बचने को कहा गया है. लोगों को जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल फोन, टॉर्च, पीने का पानी एवं अन्य आवश्यक सामान सुरक्षित और आसानी से ले जाने योग्य स्थान पर रखने की सलाह दी गयी है.
आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष से करें संपर्क
प्रशासन ने कहा है कि जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का तत्काल पालन करें. किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकता है. जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06344-222660 एवं मोबाइल नंबर 7762061882 पर सूचना दी जा सकती है. वहीं, राज्य आपातकालीन सहायता नंबर 1070 पर भी संपर्क किया जा सकता है. प्रशासन ने लोगों से पूर्ण सतर्कता बरतने और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है.
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