Shravani Mela: असरगंज (मुंगेर). विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 के दौरान शिवभक्त विभिन्न स्वरूपों में बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा कर रहे हैं. बुधवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले स्थित कोन्नगर नर्मदेश्वर प्रांतिका मंदिर की प्रतिमा के साथ श्री-श्री 1008 बाबा भोलेनाथ कांवर यात्रा का शुभारंभ हुआ. सैकड़ों कांवरिया सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर के लिए रवाना हुए.
मंदिर की प्रतिमा के साथ निकली अनूठी कांवर यात्रा
यात्रा में शामिल शिवभक्त अपने कंधों पर नर्मदेश्वर प्रांतिका मंदिर की प्रतिमा और गंगाजल से भरी कांवर लेकर चल रहे थे. रास्ते भर "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.
भजन-कीर्तन के साथ तय करेंगे लंबी यात्रा
यात्रा में शामिल रूपम महतो, जगदीश घोष, मुन्ना पाठक और सुभांतो राय सहित अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि वे भजन-कीर्तन करते हुए पैदल देवघर पहुंचेंगे. बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जलाभिषेक करना ही इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है.
सदियों पुरानी परंपरा का कर रहे निर्वहन
आयोजकों ने बताया कि सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक पैदल यात्रा की परंपरा वर्षों से चली आ रही है. श्रावण मास में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों शिवभक्त इस धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं.
'बाबा के दरबार में पहुंचते ही मिट जाती है सारी थकान'
Shravani Mela: कांवरियों ने बताया कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान थकान जरूर होती है, लेकिन बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक का भाव उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की शक्ति देता है. उनका कहना है कि बाबा के दरबार में पहुंचते ही पूरी यात्रा की थकान पलभर में दूर हो जाती है.
