Sultanganj to Deoghar Kanwar Path : बारिश थमने के बाद बढ़ी गर्मी और तपती बालू भी शिवभक्तों के उत्साह को कम नहीं कर सकी है. 'बोलबम-बोलबम' के जयघोष के साथ हजारों कांवरिये सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर लगातार बढ़ रहे हैं. पूरे कांवरिया पथ पर भक्ति, आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है.
श्रावणी मेले से पहले ही भक्तों से भर गया कांवरिया पथ
श्रावणी मेले की शुरुआत होने में अभी कुछ दिन शेष हैं, लेकिन कांवरियों का सैलाब पहले ही उमड़ पड़ा है. देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिवभक्त केसरिया वस्त्र धारण कर पैदल यात्रा कर रहे हैं. सुल्तानगंज से देवघर तक का पूरा मार्ग 'बोलबम' के जयघोष से गूंज रहा है. जगह-जगह श्रद्धालु विश्राम कर फिर बाबा बैद्यनाथ के दरबार की ओर आगे बढ़ रहे हैं.
तपती बालू बनी चुनौती, फिर भी नहीं डिग रही आस्था
पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण कच्चे कांवरिया पथ पर बिछी बालू काफी गर्म हो गई है. नंगे पैर चलने वाले कांवरियों को इससे कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. दोपहर के समय तेज धूप के कारण बालू और अधिक तप जाती है, जिससे यात्रा चुनौतीपूर्ण हो जाती है. इसके बावजूद शिवभक्त बिना रुके अपने संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं और बाबा को जल अर्पित करने की भावना उनके कदमों को लगातार गति दे रही है.
कांवरियों ने की पानी के छिड़काव की मांग
जौनपुर के कांवरिया मिथिलेश कुमार और अभय कुमार तथा नेपाल से आए झबरू ठाकुर और श्याम ठाकुर ने बताया कि यदि प्रशासन की ओर से मार्ग पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए तो तपती बालू से काफी राहत मिल सकती है. उनका कहना है कि इससे हजारों श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा करने में सुविधा होगी. श्रद्धालुओं ने भरोसा जताया कि प्रशासन इस दिशा में जल्द आवश्यक कदम उठाएगा.
भक्ति और संकल्प का अद्भुत संगम
कठिन मौसम, तेज धूप और गर्म बालू के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ है. कांवरिये पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करने के संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं. कांवरिया पथ पर हर ओर शिवभक्ति का माहौल है और 'हर-हर महादेव' तथा 'बोलबम' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है.
