Munger Kanwar Path News: श्रावणी मेले में लाखों कांवरियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मुंगेर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी राकेश कुमार, जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने कच्ची कांवरिया पथ का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया.
शिवभक्तों के स्वागत के लिए गुफानुमा प्रवेश द्वार, सात टेंट सिटी तैयार
जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कच्ची कांवरिया पथ पर सात टेंट सिटी बनाई गई हैं. इनमें पांच टेंट सिटी पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन, एक पीएचईडी तथा एक नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से स्थापित की गई है. यहां श्रद्धालुओं के ठहरने, विश्राम, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. मुंगेर जिले में प्रवेश करते ही शिवभक्तों का स्वागत आकर्षक गुफानुमा प्रवेश द्वार से होगा, जिससे उन्हें बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा का आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा. रात के समय पूरे मार्ग को आकर्षक बनाने के लिए विद्युत पोलों पर भगवान शिव के त्रिशूल और डमरू की आकृति वाली विशेष सजावटी लाइटें भी लगाई गई हैं.
26 किलोमीटर में 19 अस्थायी थाना, हर कदम पर सुरक्षा
मुंगेर जिले की सीमा में कमरांय गांव से कुमरसार तक 26 किलोमीटर लंबा कच्ची कांवरिया पथ पड़ता है. इस पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 19 अस्थायी थाना और पुलिस पिकेट स्थापित किए जा रहे हैं. यहां तीन पालियों में 24 घंटे पुलिस पदाधिकारी और जवान तैनात रहेंगे. इसके अलावा सादे लिबास और कांवरिया वेशभूषा में महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. आधा दर्जन से अधिक क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी लगातार गश्त करेगी.
चार कंपनी अतिरिक्त पुलिस बल और AI कैमरों की रहेगी निगरानी
पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से चार कंपनी अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है. कांवरिया पथ की सुरक्षा में लगभग 600 पुलिस जवान और 200 पुलिस पदाधिकारी लगातार तैनात रहेंगे. पहली बार पूरे मार्ग पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फेस रिकग्निशन कैमरे, स्मार्ट सीसीटीवी और विशेष निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है. सुनसान स्थानों पर भी आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से रियल-टाइम में की जाएगी.
श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा पर प्रशासन का पूरा फोकस
जिला प्रशासन का कहना है कि इस बार सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि लाखों शिवभक्त बिना किसी परेशानी के बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पूरी कर सकें. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि यात्रा के दौरान निर्धारित मार्ग का पालन करें, प्रशासनिक निर्देशों का अनुपालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निकटतम पुलिस सहायता केंद्र या कंट्रोल रूम से संपर्क करें.
