रविवार की छुट्टी में नहीं हो रहा कूड़ों का उठाव, कीचड़मय हो रही शहर की सड़कें

शहर की सफाई व्यवस्था के नाम पर नगर निगम प्रशासन एक बड़ी राशि खर्च कर रही है. बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही.

मुंगेर. शहर की सफाई व्यवस्था के नाम पर नगर निगम प्रशासन एक बड़ी राशि खर्च कर रही है. बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही. शहर का सबसे बुरा हाल रविवार को हो जाता है. क्योंकि रविवारी छुट्टी के कारण न तो शहर की सफाई होती है और न ही कूड़ों का उठाव होता है. जिसके कारण रविवार को शहर के लगभग तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर अस्थायी कूड़ा सेंटर पर कूड़ों का ढेर लगा हुआ है और बारिश होने के बाद कूड़ों का ढेर बजबजा उठा है. उससे उठने वाली दुर्गंध राहगीरों व शहरवासियों को काफी परेशान कर रही है.

नगर निगम की सफाई व्यवस्था ध्वस्त

नगर निगम की सफाई व्यवस्था रविवार को पूरी तरह से ध्वस्त हो जाती है. क्योंकि रविवार को शहर सफाई व्यवस्था के जिम्मेवार सफाई एजेंसी छुट्टी मनाता है. हालांकि पूर्व के दिनों में रविवार को भी कूड़ों का उठाव की व्यवस्था शुरू की गयी थी. लेकिन पुन: रविवार को कूड़ों का उठाव बंद कर दिया गया है. जिसके कारण दो दिनों का कूड़ा यू ही अस्थायी कूड़ा केंद्र पर पड़ा रह जाता है. शनिवार की रात और रविवार की सुबह हुई मुंगेर में हुई बारिश के कारण कूड़ों का ढेर बजबजा उठा और उससे बदबू उठने लगी है. जिसके कारण राहगीरों के साथ आम शहरी को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.

आधी सड़क में फैल गया है कूड़ों का ढेर

कूड़ा उठाव नहीं होने के कारण शहर के चारों ओर गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो गया है. शहर के नगर भवन के समीप किताब गली के मोड़ के पास कूड़ों का ढेर लगा हुआ है. कूड़ा जमा करने वाले सड़क किनारे की जमीन पर कूड़ा उठाव से गड्ढा हो जाने से उसमें पानी जम गया है. जिसके कारण सड़क पर ही कूड़ा जमा कर दिया गया. वहां पर आधी सड़क कूड़ों की चपेट में है. यहीं हाल गुलजार पोखर सहित अन्य अस्थायी कूड़ा स्टैंड वाली सड़क की है. जहां कूड़ा का ढेर लगा हुआ है.

सफाई व्यवस्था के नाम पर मोटी राशि हो रही खर्च

मुंगेर शहर की सफाई व्यवस्था पर नगर निगम के करोड़ों के संसाधन का उपयोग सफाई एजेंसी कर रही है. बावजूद निगम प्रशासन सफाई एजेंसी को मोटी रकम दे रही है. जो जनता से विभिन्न मद में टैक्स के नाम ली गयी राशि का ही हिस्सा है. यानी सफाई व्यवस्था के नाम पर मोटी राशि खर्च हो रही है और बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था ऐसी है कि कूड़ों का उठाव रविवार को नहीं होता है.

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By Birendra kumar sing

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