महालक्ष्मी नारायण महायज्ञ में उमड़ रहा भक्ति का सैलाब, मनोरम झांकी देख आहलादित हुए श्रद्धालु हवेली खड़गपुर अयोध्या धाम से पधारे मर्मज्ञ कथावाचक बाबा घनश्याम महाराज ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम के व्यक्तित्व और कृतित्व के साथ रामचरित मानस को पवित्र ग्रंथ का बखान किया. उन्होंने कहा कि रामचरित्र मानस से हमें यह ज्ञान प्राप्त होता है कि पुत्र को सदैव अपने माता-पिता की सेवा करना चाहिए. पृथ्वी पर माता-पिता ही देवता हैं. वे बुधवार को प्रखंड के रतैठा ढेंक टोला स्थित दुबे स्थान हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय महालक्ष्मी नारायण महायज्ञ में श्रद्धालुओं को प्रवचन सुनाते हुए कही. कथावाचक के ओजपूर्ण प्रवचन से श्रद्धालुओं में धार्मिक और राष्ट्र भक्ति की भावना का संचार हो रहा है. उन्होंने सुनाया कि भाई-भाई, पति-पत्नी में प्रेम होना चाहिए. भगवान ने कहा है कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होगी तब-तब मैं धर्म स्थापना करने के लिए अवतार लूंगा. कथा के दौरान मनोरम झांकी लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र बना हुआ है. इससे पूर्व सुबह प्रहर मर्मज्ञ वेदपाठी के वैदिक विधान के साथ यज्ञ भगवान के पूजन और वेद मंत्रों की गूंज से चप्पा-चप्पा धार्मिक भक्ति के रंग में समाया नजर आ रहा है. रतैठा, ढेंक टोला, बेगमपुर, रतनी, तेघड़ा, बिनलपुर, घोषपुर, दुलारपुर, मुजफ्फरगंज, मुढ़ेरी, शासन, गोपालपुर, खंडबिहारी, समेत नगर क्षेत्र के विभिन्न मोहल्ले से लोगों का हुजूम उमड़ रहा है. मौके पर देवनन्दन यादव, मुखिया राहुल कुमार चंदन, व्यवस्थापक महंत अरविंद झा, सचिव संजय झा, मुकेश यादव, गोपाल झा, मनोज यादव, रंजन झा सहित समिति कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे.
पृथ्वी पर मनुष्य के लिए माता-पिता ही देवता : बाबा घनश्याम
कथा के दौरान मनोरम झांकी लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र बना हुआ है. इससे पूर्व सुबह प्रहर मर्मज्ञ वेदपाठी के वैदिक विधान के साथ यज्ञ भगवान के पूजन और वेद मंत्रों की गूंज से चप्पा-चप्पा धार्मिक भक्ति के रंग में समाया नजर आ रहा है.
