जलमीनार बनने के बाद भी ग्रामीणों के घरों तक नहीं दिया कनेक्शन, अब पानी के लिए हाहाकार

घर से पानी लाकर अपने कामकाज को निपटा रहे हैं.

ग्रामीणों की शिकायत करने के बाद भी अधिकारी नहीं ले रहे सुध, सिर्फ मिल रहा आश्वासन

तारापुर

विश्व बैंक के सहयोग से नीर निर्मल परियोजना के तहत पीएचईडी विभाग ने लगभग एक करोड रुपए की लागत से प्रखंड के खैरा गांव में जलमीनार का निर्माण कराया गया है. इसका शुभारंभ भी 14 मई 2023 को ही कर दिया गया. बावजूद जलमीनार से डोर टू डोर कनेक्शन ग्रामीणों को नहीं दिया गया है. जिसके कारण अधिकांश आबादी इस भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान हो गये हैं. हाल यह है कि ग्रामीण दूसरे के निजी बोरिंग या बहियार से पानी लाकर अपना काम चला रहे हैं.

जलमीनार का ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ

खैरा पंचायत के वार्ड नंबर 12, 13 एवं 14 में पानी को लेकर ग्रामीणों में हाहाकार मचा हुआ है. इनमें 100 घर, जिसमें महादलित टोला, कुम्हार टोला को कनेक्शन नहीं मिला है. जबकि 100 घरों को कनेक्शन होने के बावजूद सही तरीके से पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है. बोरिंग को चलाने वाला कोई स्थाई व्यक्ति नहीं है. जिसके कारण यह परेशानी उत्पन्न हुई है. यही कारण है कि ग्रामीण जिसके घर निजी बोरिंग है, उसके घर से पानी लाकर अपने कामकाज को निपटा रहे हैं. अगर यही हाल रहा तो वैशाख जैसे महीने में पानी की स्थिति और भी गंभीर हो जायेगी. जबकि जलमीनार बनने का काेई लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है.

जलमीनार बना, कनेक्शन के अभाव में नहीं मिल रहा पानी

पासवान टोला की चंदा देवी, बिंदेश्वरी सिंह कहती है कि पानी नहीं मिलता है. आदमी तो आदमी, जानवर तक प्यासे रहते हैं. लोगों की बात बोली सुनकर पानी लाना पड़ता है. नल-जल चलाने वाला कोई नहीं है. कोई गांव वाला चलाता है, तब कुछ दिनों तक कुछ देर के लिए पानी मिलता है. लेकिन दो सौ घरों को पानी नहीं मिलता हैं. बुधो सिंह कहते हैं कि खैरा में जल-नल का पानी नहीं मिलता है. बहियार से अथवा किसी के निजी घर के बोरिंग से पानी लाते हैं. हमारे घर के तरफ 50 घर को पानी नहीं मिलता है. जब से जलमीनार बना है, तब से यह परेशानी बनी हुई है. शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती है. ग्रामीण गुलशन कुमार ने कहा कि टंकी बना हुआ है. बावजूद कुम्हार टोला एवं पासवान टोला में कनेक्शन नहीं किया गया है. वार्ड नंबर 12 में सप्ताह में एक दिन पानी मिलता है. आक्रोशित महिला माला देवी कहती हैं कि जब पानी के लिए ग्रामीण मरने लगेंगे तब पदाधिकारी की नींद खुलेगी.

कहते हैं एसडीओ

एसडीओ राकेश रंजन कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है. पिछले सप्ताह पीएचईडी के सहायक अभियंता को छूटे हुए घर का कनेक्शन कर नियमित रूप से पेयजलापूर्ति करने का निर्देश दिया गया था. अगले दो दिनों में कनेक्शन का कार्य प्रारंभ हो जायेगा और ग्रामीणों को पानी मिलने लगेगी.

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Published by: Anand kumar

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