योजनाओं में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करें अधिकारी : मंत्री
सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है. आम लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.
जिले के प्रभारी मंत्री ने किया मुंगेर में विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिये निर्देश – गलत रिपोर्ट देने पर पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण पूछने का मंत्री ने दिया निर्देश
मुंगेर
जिले में संचालित विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर सोमवार को मुंगेर संग्रहालय सभागार में जिला 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (डीपीआईसी) की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री सह मुंगेर के प्रभारी मंत्री संजय कुमार ने की. मौके पर जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने प्रभारी मंत्री को पौधा भेंट कर स्वागत किया. बैठक में पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, बिहार विधान परिषद सदस्य लाल मोहन गुप्ता, जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल, महापौर कुमकुम देवी, सौरभ निधि, पार्वती देवी मुख्य रूप से मौजूद थे.
योजनाओं की प्रगति से अवगत हुए मंत्री
बैठक में जिलाधिकारी ने जिले में चल रहे विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति से प्रभारी मंत्री को अवगत कराया. उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है. आम लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.
पीएचईडी के गलत रिपोर्ट पर भड़के मंत्री
समीक्षा के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता द्वारा गलत रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने पर प्रभारी मंत्री भड़क गये. उन्होंने नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने की अपील की तथा कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से समन्वय स्थापित करें.
मुख्यमंत्री सीधे कर रहे समीक्षा, बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही
प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुंगेर मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के कारण यहां संचालित योजनाओं की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री स्तर से की जाती है. इसलिए सभी विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें. लापरवाही की कोई गुंजाईश नहीं है, सीधी कार्रवई होगी. बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि, जलापूर्ति, बिजली, सामाजिक सुरक्षा, सड़क निर्माण, नगर विकास, उद्योग एवं खाद्य आपूर्ति समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई. जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं और सुझावों पर भी संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिये गये. बैठक में सभी विभागों के अधिकारी, अभियंता मौजूद थे.
बाढ़ व सुखाड़ से निबटने को लेकर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को किया अलर्ट
मुंगेर : संभावित बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने को लेकर सोमवार को मुंगेर संग्रहालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. उसकी अध्यक्षता प्रभारी मंत्री संजय कुमार ने की. बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. बैठक में जिलाधिकारी निखिल धनराज, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, एडीएम मनोज कुमार, डीडीसी अजीत कुमार, एडीएम आपदा संजय कुमार सिन्हा मुख्य रूप से मौजूद थे. मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पूर्व तैयारी बेहद जरूरी है. उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए. वहीं संभावित सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए कृषि एवं पेयजल से जुड़ी तैयारियों को भी समय पर पूरा करने पर जोर दिया. जिलाधिकारी बैठक में जानकारी दी कि जिले के संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नत कर लिया गया है. राहत एवं बचाव कार्यों के लिए नाव, राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, पशु चारा, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है.आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई. संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों की उपलब्धता, राहत सामग्री के भंडारण, राहत शिविरों की स्थापना और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा की गई. साथ ही तटबंधों की स्थिति और मरम्मत कार्यों पर भी चर्चा हुई. प्रभारी मंत्री ने पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा, टीकाकरण एवं चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
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