E-Rickshaw Traffic : हवेली खड़गपुर नगर में ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ ही यातायात व्यवस्था चरमराने लगी है. शहर के प्रमुख बाजार, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों के सामने ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से रोजाना जाम की स्थिति बन रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नियमों का सख्ती से पालन कराने और कार्रवाई की मांग की है.
जहां सवारी दिखी, वहीं लगा देते हैं ब्रेक
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई ई-रिक्शा चालक सवारी दिखते ही सड़क के बीचोंबीच वाहन रोक देते हैं. इससे पीछे चल रहे वाहनों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. शहर की यातायात व्यवस्था भी इससे लगातार प्रभावित हो रही है.
बिना लाइसेंस और अनुभव के चला रहे वाहन
बताया जा रहा है कि शहर में 15-16 वर्ष के किशोरों से लेकर 80-85 वर्ष तक के बुजुर्ग ई-रिक्शा चला रहे हैं. स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 50 प्रतिशत चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है. साथ ही कई चालकों को यातायात नियमों और सुरक्षित वाहन संचालन की पर्याप्त जानकारी भी नहीं है.
बाजार, अस्पताल और कार्यालयों के बाहर अतिक्रमण जैसी स्थिति
समाजसेवी अमित केशरी ने बताया कि शहर में ई-रिक्शा के लिए कोई निर्धारित स्टैंड नहीं है. मुख्य बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सामने सड़क पर अक्सर ई-रिक्शा खड़े रहते हैं, जिससे दुकानदारों, ग्राहकों और पैदल राहगीरों को परेशानी होती है. प्रखंड कार्यालय और अनुमंडल अस्पताल के मुख्य गेट के सामने भी एक साथ 10 से 15 ई-रिक्शा खड़े रहने से लोगों का आवागमन प्रभावित होता है.
ओवरलोडिंग से भी बढ़ रहा जोखिम
स्थानीय निवासी अंजनी कुमार ने बताया कि चार यात्रियों की क्षमता वाले ई-रिक्शा में छह से सात लोगों को बैठाया जा रहा है. ओवरलोडिंग और अचानक ब्रेक लगाने की वजह से दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है. उन्होंने प्रशासन से ई-रिक्शा संचालन के लिए स्पष्ट नियम लागू करने और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.
स्थानीय लोगों ने की प्रशासन से कार्रवाई की मांग
नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते ई-रिक्शा संचालन के लिए स्टैंड निर्धारित नहीं किए गए और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं कराया गया, तो आने वाले दिनों में जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या और गंभीर हो सकती है. लोगों ने प्रशासन से नियमित जांच अभियान चलाकर अवैध और नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई करने की मांग की.
