मुंगेर : सदर अस्पताल मुंगेर की बदहाल व्यवस्था और मरीजों के इलाज में सामने आयी कथित लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. 13 अगस्त की रात डीएम निखिल धनराज और एसपी सैयद इमरान मसूद के औचक निरीक्षण में अस्पताल की व्यवस्था में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आयी थीं. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सिविल सर्जन डॉ. राजू से स्पष्टीकरण मांगा है.
सिविल सर्जन को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब देने के साथ अस्पताल की व्यवस्था में सुधार से संबंधित रिपोर्ट भी सौंपने का निर्देश दिया गया है. निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी सेवा की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में रही. अस्पताल में तैनात एंबुलेंस चालक बिना वर्दी और पहचान पत्र के मिले. वहीं ड्यूटी कक्ष में तैनात तीन चिकित्सकों में केवल डॉ. राजीव उपस्थित पाये गये. डॉ. हिमांशु और डॉ. निधि ड्यूटी से अनुपस्थित मिले.
लिफ्ट का आपातकालीन यंत्र भी मिला खराब
मरीजों और परिजनों की सुविधा के लिए अस्पताल में लगी लिफ्ट के आपातकालीन दूरसंचार यंत्र के काम नहीं करने पर भी डीएम ने नाराजगी जतायी. आपात स्थिति में लिफ्ट में फंसने वाले मरीज या परिजन के लिए इस व्यवस्था का खराब रहना गंभीर सुरक्षा चूक मानी गयी.
लेबर रूम और आईसीयू में एक नर्स के भरोसे व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान लेबर रूम और आईसीयू की स्थिति भी चिंताजनक मिली. दोनों महत्वपूर्ण इकाइयों का संचालन महज एक नर्स के भरोसे पाया गया. वहीं दुर्घटना में घायल मरीजों को समय पर प्राथमिकता के आधार पर इलाज नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आयी.
डीएम ने अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने अस्पताल में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के बाद सिविल सर्जन से स्पष्टीकरण मांगते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार करने को कहा गया है. प्रशासन की कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है.
