– साल 2023 में थे डेंगू के 843 मामले
मुंगेर.
बिहार के दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में मानसून ने दस्तक दे दी है. जिसके बाद अब बिहार में इस माह के अंत तक मानसून के प्रवेश की संभावना है. ऐसे में मानसून के साथ जिले में डेंगू के मामले भी बढ़ने लगते हैं. जो इस साल मुंगेर शहर के लिए परेशानी को बढ़ा सकता है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रत्येक दो साल में क्षेत्र में डेंगू के मामले बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में साल 2023 में मुंगेर जिले में सर्वाधिक 843 डेंगू के मरीज पाये गये थे. जबकि साल 2024 और 2025 में जिले में डेंगू के मामले कम आए थे. वही अब दो साल बाद इस वर्ष 2026 में जिले में डेंगू के मामले बढ़ सकते हैं. जो मुंगेर शहर के साथ स्वास्थ्य विभाग के लिए भी परेशानी बढ़ा सकती है.द्विवर्षीय चक्र में बढ़ते हैं डेंगू के मामले
बता दें कि हर दो साल के चक्र में डेंगू के मामलों और प्रकोप में भारी उछाल दर्ज किया जाता है. वैश्विक स्तर पर यह पैटर्न मानसून के दौरान तापमान में वृद्धि, बेमौसम बारिश, और चार अलग-अलग वायरस सीरोटाइप के बीच प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) के कारण बनता है. जिसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा द्विवर्षीय चक्र माना जाता है. जिसमें जब किसी एक वर्ष डेंगू का प्रकोप चरम पर होता है और बड़ी आबादी संक्रमित हो जाती है, तो उसके अगले वर्ष हर्ड इम्युनिटी (सामूहिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता) के कारण मामले कम हो सकते हैं. लेकिन, दूसरे वर्ष नए वायरस स्ट्रेन के प्रसार या जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कारकों से मामलों में फिर से भारी वृद्धि (स्पाइक) देखने को मिलती है.साल 2023 में मिले थे जिले में सर्वाधिक 843 डेंगू मरीज
डेंगू के द्विवर्षीय चक्र को देखें तो मुंगेर में डेंगू का आंकड़ा इसे पूरी तरह सत्य साबित करता है. विदित हो कि साल 2017 में मुंगेर जिले में डेंगू के मामले सबसे अधिक पाये गये थे. जिसमें डेंगू के कुल 271 मामले सामने आये थे. हालांकि इसके बाद साल 2020 में कोरोना के कारण जिले में डेंगू के मामले कम थे, लेकिन इसके बाद साल 2023 में जिले में अबतक के सर्वाधिक डेंगू के 843 मामले पाये गये थे. जबकि साल 2024 में जिले में डेंगू के 77 तथा साल 2025 में डेंगू के मात्र 16 मरीज पाये गये थे. ऐसे में अब द्विवर्षीय चक्र के अनुसार साल 2026 में मुंगेर शहर में डेंगू के मामले बढ़ सकते हैं.चिकित्सक व कर्मियों की कमी स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी
डेंगू से निपटने में इस साल स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी परेशानी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी होगी, क्योंकि जहां जुलाई माह से सितंबर माह तक डेंगू के मामले सबसे अधिक आते हैं. वही इस साल जुलाई माह में जहां श्रावणी मेला आरंभ होगा. वही संभावित बाढ़ के बीच डेंगू के मामले स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती होगी. जबकि केवल सदर अस्पताल के आंकड़ें को देखें तो यहां केवल 8 माह में 10 से अधिक चिकित्सक जा चुके हैं.साल 2023 से 2025 तक जिले में डेंगू के मामले
माह 2023 2024 2025
जून 0 0 0
जुलाई 0 1 0अगस्त 12 4 0
सितंबर 398 30 5अक्तूबर 328 25 7
नवंबर 101 15 4दिसंबर 4 2 0
