मुंगेर विश्वविद्यालय : कोर्स छह माह का, तीन माह हुई कक्षाएं, अब होगी परीक्षाएं

एमयू में बदहाल शोध, उधार के पीजी विभागों में चल रहा पीएचडी

एमयू में बदहाल शोध, उधार के पीजी विभागों में चल रहा पीएचडी, प्रतिनिधि, मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय में जहां पिछले तीन साल से बिना सरकार से अनुमति और पद सृजन के उधार पर कॉलेजों में पीजी विभागों का संचालन हो रहा है. वहीं अब एमयू में पीएचडी के शोध जैसी शिक्षाएं भी बदहाल हालत में चल रही है. जिसके रिसर्च मैथोलॉजी की कक्षाएं तो वैसे नियमानुसार 6 माह का है, लेकिन तीन माह की कक्षाओं के बाद ही अब एमयू अपने पीएचडी के रिसर्च मैथोलॉजी की परीक्षा लेगी.

कोर्स छह माह का, तीन महीने हुई कक्षाएं

एमयू द्वारा साल 2023 में ही पीएचडी की पढ़ाई आरंभ की गयी. इसके लिये साल 2024 के जनवरी माह तक विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी में नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण की गयी. इसके बाद मार्च माह से विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी के लिये 6 माह के रिसर्च मैथोलॉजी कोर्स वर्क की कक्षाएं आरंभ की गयी. हालांकि, एमयू के अधिकांश पीजी विभागों का संचालन आरडी एंड डीजे कॉलेज तथा जेआरएस कॉलेज, जमालपुर में हो रहा है. ऐसे में अप्रैल और मई माह में लोक सभा चुनाव को लेकर डीजे कॉलेज में पीएचडी सहित अन्य कक्षाएं प्रभावित रही. जबकि पूरे जून माह में ग्रीष्मावकाश के कारण कक्षाएं बंद रही. ऐसे में कुल मिलाकर कहा जाये तो मार्च के बाद अब जुलाई और अगस्त में ही पीएचडी के लिये भौतिक कक्षाओं का संचालन किया गया. जो कुल मिलाकर तीन माह ही है.

सप्ताह में दो दिन क्लास, कागज पर पूरे हो गये 6 माह

इतना ही नहीं एमयू द्वारा अपने पीजी विभागों में पीएचडी के रिसर्च मैथोलॉजी कोर्स वर्क की कक्षाएं सप्ताह में केवल दो दिन शुक्रवार और शनिवार को ही ली जाती है. ऐसे में अगर 6 माह के कोर्स वर्क की कक्षाओं को देखें तो एमयू के सभी विभागों में पीएचडी की कक्षाएं केवल 60 दिन ही होना है. जबकि तीन माह के भौतिक कक्षा संचालन में पीएचडी की कक्षाएं केवल 30 दिन ही हुयी है. हलांकि एमयू द्वारा पीएचडी के रिसर्च मैथोलॉजी कोर्स वर्क के लिये विद्यार्थियों से अपने कार्य स्थल से एनओसी भी लिया गया है. जो केवल दो दिन की कक्षाओं के लिये ही है. अब ऐसे में एमयू प्रशासन के पीएचडी जैसे शोध के विषयों के प्रति गंभीरता को भी समझा जा सकता है.

कहते हैं जिम्मेदार

एमयू के डीएसडब्लू डॉ भवेशचंद्र पांडेय ने बताया कि डीजे कॉलेज में संचालित पीजी विभागों में कुछ शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं ली गयी थी. सूबे के अन्य कई विश्वविद्यालयों में भी पीएचडी के रिसर्च मैथोलॉजी कोर्स वर्क का संचालन केवल दो दिन ही होता है. विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी के रिसर्च मैथोलॉजी की परीक्षा 6 से 9 सितंबर के बीच ली जायेगी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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