Online Fraud Arrest : असरगंज थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामले में कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पूछताछ में खुलासा हुआ कि लोगों को लालच देकर बैंक खाते खुलवाए जाते थे और उन्हीं खातों के माध्यम से ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था.
असम से मिली शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
असरगंज थाना अध्यक्ष विपुल कुमार के बयान पर साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया. पुलिस को असम निवासी नियर ज्योति हेलोई द्वारा मोबाइल के माध्यम से शिकायत मिली थी कि उनके खाते से 99,800 रुपये की राशि ठगी कर एक बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई है. शिकायत में आधार कार्ड और पैन नंबर के दुरुपयोग की भी जानकारी दी गई थी.
राहुल कुमार की गिरफ्तारी से खुला राज
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए रहमतपुर धान गोला गांव निवासी राहुल कुमार को गिरफ्तार किया. पूछताछ में राहुल ने बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में उसका खाता है, जिसे आर्थिक लाभ का लालच देकर खुलवाया गया था. उसने स्वीकार किया कि उसका एटीएम कार्ड प्रिंस कुमार और छोटू कुमार के पास रहता था और वही खाते में आए ठगी के पैसे की निकासी करते थे.
बस स्टैंड से दो और युवक गिरफ्तार
राहुल की निशानदेही पर पुलिस ने असरगंज बस स्टैंड से प्रिंस कुमार और छोटू कुमार को एक हीरो मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि तीनों आपसी समझौते के तहत फ्रॉड की राशि बैंक खातों में मंगाते थे और एटीएम के माध्यम से नकदी निकालकर आपस में बांट लेते थे.
लोगों को लालच देकर खुलवाए जाते थे बैंक खाते
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि गिरोह आसपास के लोगों को आर्थिक प्रलोभन देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था. साइबर ठगी की रकम इन खातों में जमा कराई जाती थी और बदले में खाताधारकों को कुछ प्रतिशत राशि दी जाती थी. पुलिस को पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि इस नेटवर्क में क्षेत्र के कई अन्य युवक भी शामिल हो सकते हैं.
आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत थाना कांड संख्या 120/26 दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. मामले की विस्तृत जांच तारापुर सर्किल इंस्पेक्टर विवेक राज को सौंपी गई है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है.
