मुंगेर की बड़ी दुर्गा महारानी के दरबार में उमड़ रही श्रद्धा, मां के दर्शन को दूर-दूर से पहुंच रहे भक्त

Aaj Ka Darshan: कहा जाता है कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद यहां कभी खाली नहीं लौटती. यही विश्वास हर दिन हजारों श्रद्धालुओं को खींच लाता है मुंगेर के इस प्रसिद्ध शक्तिपीठ में.

Aaj Ka Darshan: मुंगेर के शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. सुबह से लेकर देर शाम तक भक्त मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की मौजूदगी इस मंदिर की लोकप्रियता और धार्मिक महत्व को दर्शाती है. भक्तों का विश्वास है कि मां दुर्गा के चरणों में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है.

शादीपुर की बड़ी दुर्गा महारानी में अटूट विश्वास

मुंगेर का शादीपुर लंबे समय से आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र रहा है. यहां स्थित बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर लोगों की गहरी श्रद्धा का केंद्र है. खगड़िया, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई और आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु नियमित रूप से यहां पहुंचते हैं. कई परिवारों की वर्षों पुरानी परंपरा है कि किसी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले मां के दरबार में हाजिरी लगाई जाए.

भक्तों का मानना है कि मां के दरबार में की गई सच्ची प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती. यही कारण है कि जीवन के हर सुख-दुख में लोग यहां पहुंचकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

सुबह की आरती से भक्तिमय हो उठता है पूरा परिसर

मंदिर का सबसे आकर्षक दृश्य सुबह की आरती के दौरान देखने को मिलता है. ढोल-नगाड़ों की गूंज, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठता है. आरती के समय मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आते हैं.

मां को धूप, दीप, पुष्प और चुनरी अर्पित कर भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं. “जय माता दी” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठता है और श्रद्धालुओं को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव मिलता है.

नवरात्र में उमड़ता है जनसैलाब

हालांकि मंदिर में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन नवरात्र के दौरान यहां विशेष उत्साह देखने को मिलता है. इन दिनों भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है. मंदिर परिसर में इतनी भीड़ होती है कि लोगों को दर्शन के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है.

भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन और मंदिर समिति को विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं. दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु घंटों इंतजार के बाद मां के दर्शन कर खुद को धन्य मानते हैं.

संकट हरने वाली मां के रूप में प्रसिद्ध है यह दरबार

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार बड़ी दुर्गा महारानी का यह दरबार संकटों से मुक्ति देने वाला माना जाता है. नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक समस्याओं से परेशान लोग यहां पहुंचकर मां का आशीर्वाद मांगते हैं.

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां दुर्गा की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यही अटूट आस्था हर दिन हजारों भक्तों को शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर तक खींच लाती है.

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Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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