होमियोपैथ चिकित्सकों ने नयी उत्पाद नीति के विरोध में निकाला शांतिमार्च

मुंगेर : मुंगेर होमियो पैथिक चिकित्सक एसोसिएशन के तत्वावधान में सोमवार को सरकार के नयी उत्पाद नीति के विरोध में शांतिमार्च निकला गया. जिसमें जिले के होमियोपैथ चिकित्सकों ने भाग लिया. शांतिमार्च का नेतृत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ शैल कुमारी एवं सचिव डॉ एसके मेहता कर रहे थे. शांतिमार्च टीएचएच मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल से […]

मुंगेर : मुंगेर होमियो पैथिक चिकित्सक एसोसिएशन के तत्वावधान में सोमवार को सरकार के नयी उत्पाद नीति के विरोध में शांतिमार्च निकला गया. जिसमें जिले के होमियोपैथ चिकित्सकों ने भाग लिया. शांतिमार्च का नेतृत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ शैल कुमारी एवं सचिव डॉ एसके मेहता कर रहे थे.

शांतिमार्च टीएचएच मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल से निकाली गयी. आयुष चिकित्सक बैनर व हाथों में तख्तियां लेकर शहर के मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए समाहरणालय पहुंचा. एक शिष्टमंडल जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपा. वक्ताओं ने कहा कि शराब व नशा बंदी का हम चिकित्सक पूरी तरह से समर्थन करते है. यह हमारे होमियोपैथिक दर्शन सिद्धांतों के अनुकूल है. लेकिन होमियोपैथ औषधि पर जो निषेध लगाया गया है वह जनहित में नहीं है.
औषधि एवं अंगराग नियमावली 106बी वर्ष 1945 में बनाया गया. उस वक्त होमियोपैथिक चकित्सा विज्ञान की प्रगति एवं जन आकांक्षा उतनी सबल नहीं थी. जितनी वर्तमान समय में है. इसलिए समयानुसर उक्त एक्ट पर विचार एवं सुधार करने की आवश्यकता है. 30 एमएल की पैकिंग से दवा का मूल्य कई गुना बढ़ जायेगा.
जिसका असर आम जनता पर पड़ेगी. वक्ताओं ने कहा कि 450/500 एमएल की बची दवा जो हमलोगों के पास है तथा जो उक्त शराब बंदी नियमावली लागू होने के पूर्व ही नियमानुकूल क्रय की गयी है.इसलिए उसका उपयोग करने का अनुमति दिया जाय. शांतिमार्च में डॉ शंकर शर्मा, डॉ चंदन केशरी, डॉ रविंद्र शर्मा, डॉ केएन पोद्दार, डॉ नीरज कुमार आदि शामिल थे.

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