अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के सरकारी कर्मियों ने निकाला मौन जुलूस
मुंगेर : सरकारी नौकरियों में पदस्थापित अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मियों को प्रोन्नति में आरक्षण समाप्त करने के विरोध में अनुसूचित जाति/जन जाति कर्मचारी संघ ने रविवार को मौन जुलूस निकाला. बाद में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा. जुलूस का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सह मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक विश्वनाथ राम ने किया.
जुलूस अंबेडकर चौक किला परिसर से प्रारंभ होकर पूर्वी किला गेट से होते हुए एक नंबर ट्रैफिक, गांधी चौक होते हुए जिला पदाधिकारी आवास पहुंचा. विश्वनाथ राम ने कहा कि आरक्षण हमारा संवैधानिक अधिकार है. जिसे सरकार द्वारा छीना जा रहा है. इसे किसी भी कीमत पर बरदाश्त नहीं किया जायेगा.
संघ के सचिव संजीव कुमार ने कहा कि बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर द्वारा गोलमेज सम्मेलन में अनुसूचित जाति/ जनजाति के अलग राष्ट्र की मांग जब नहीं मानी गयी तो कमेटी द्वारा यह तय किया गया कि भारतीय संविधान में एससी/एसटी के लिए अलग से शैक्षणिक, सामाजिक एवं राजनीतिक भागीदारी के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया. जिसे सरकार द्वारा सुनियोजित तरीके से पदोन्नति में आरक्षण खत्म किया जा रहा है जो एससी/एसटी के अधिकार का हनन है. जिसे संघ द्वारा इससे संबंधित आयोग को भी पात्रता किया गया. दलित सेना कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद पासवान ने कहा कि एससी/एसटी के लोग समाज के मुख्य धारा में जुड़ने के लिए संघर्ष कर रहे है और अभी भी शैक्षणिक, सामाजिक एवं राजनीतिक रुप से अत्यंत पिछड़ा है. इसलिए आरक्षण किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने दिया जायेगा.
