देसी शराब का बंद करायंे उत्पादन
शराब पीकर सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करने वाले अब सीधे जायेंगे जेल
मुंगेर : राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह एवं पुलिस महानिदेशक पीके ठाकुर ने कहा है कि किसी भी कीमत पर देसी व मसालेदार शराब का उत्पादन, बिक्री व सेवन नहीं होना चाहिए. इसके लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी ठोस कार्रवाई करे. शराब पीकर सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करने वाले अब सीधे जेल जायेंगे. वे शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी को निर्देशित कर रहे थे.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पटना से जहां राज्य के गृह सचिव आमिर सुभानी व उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक थे. वहीं मुंगेर से पुलिस उपमहानिरीक्षक वरुण कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता ईश्वर चंद्र शर्मा, प्रभारी एसपी ललित मोहन शर्मा, रेल एसपी उमाशंकर प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.
मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में देशी शराब बंदी के साथ ही पुलिस व प्रशासन की जांच की घड़ी आ गयी है. अब प्रशासन का दायित्व है कि नयी उत्पाद नीति को कठोरता से लागू करने की. बिना कोई भेदभाव किये इस पर पूर्ण नियंत्रण होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बिहार में 1915 का उत्पाद नीति चल रहा था. सरकार ने 100 वर्ष बाद 2016 उत्पाद नीति लागू किया है. जिसमें दंड के कड़े प्रावधान किये गये हैं. इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हंगामा करने वाले या गांव मुहल्ले, होटल व रेस्टोरेंट में शराब पीकर दूसरे को परेशानी उत्पन्न करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी.
इसके लिए दस वर्ष कारावास की सजा निर्धारित की गयी है. उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में जो लोग शराब के अवैध कारोबार में लिप्त रहे हैं उसकी पहचान पूर्व से भी थाना स्तर पर की गयी थी. जिस पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चौकीदार के माध्यम से अवैध शराब के निर्माण, बिक्री व सेवन पर सूचना प्राप्त की जाय और उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो.
