मुंगेर : तरह-तरह के अनियमितताओं के लिए सुर्खियों में रहने वाला नगर निगम मुंगेर एक बार फिर लैपटॉप मामले को लेकर विवादों में घिर गया है. नगर निगम के वार्ड पार्षद एवं सशक्त स्थायी समिति के सदस्य गोविंद मंडल ने लैपटॉप खरीद में अनियमितता एवं लैपटॉप के साथ बैग व अन्य आवश्यक सामग्री नहीं देने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को अपना लैपटॉप निगम प्रशासन को लौटा दिया.
विदित हो कि इसी माह निगम प्रबंधन ने पार्षदों को लैपटॉप उपलब्ध कराया था. नगर निगम के पार्षदों को तकनीकी रूप से अपडेट करने एवं योजनाओं की जानकारी व डाटाबेस के लिए वार्ड पार्षदों को निगम प्रबंधन ने लैपटॉप उपलब्ध कराया था. यूं तो पूर्व में निगम के महिला पार्षदों को ही मात्र लैपटॉप दिया गया था. किंतु जब इसका विरोध करते हुए पुरुष पार्षदों ने विगत 24 फरवरी को जब निगम परिसर में धरना दिया तो सहमति बनी कि पुरुष पार्षदों को भी लैपटॉप दिया जाय.
25 दिन पूर्व नगर निगम द्वारा पुरुष पार्षदों को भी लैपटॉप उपलब्ध कराया गया. लेकिन बिना कोई सॉफ्टवेयर का लैपटॉप देने से पार्षद नाराज हो गये. यहां तक कि लैपटॉप का बैग भी नहीं दिया गया. नगर निगम के वार्ड पार्षद एवं सशक्त स्थायी समिति के सदस्य गोविंद मंडल ने लैपटॉप खरीद में अनियमितता का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि लैपटॉप खरीद में नियम का पालन नहीं किया गया. साथ ही कमीशन के खेल में लैपटॉप के साथ एक बैग भी नहीं मिला. बिना कोई सॉफ्टवेयर, एंटी वायरस व इंटरनेट मॉडम का यह लैपटॉप महज खिलौना है. इसके खरीद में अनियमितता की जांच होनी चाहिए.
कहते हैं नगर आयुक्त
नगर आयुक्त दिनेश दयाल लाल ने पार्षद द्वारा लैपटॉप लौटाना दुर्भाग्यपूर्ण है. लैपटॉप के साथ सॉफ्टवेयर व इंटरनेट मॉडम जैसी व्यवस्था देने का कोई प्रावधान नहीं है.
