काली प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों में झड़प, स्थिति तनावपूर्ण

मुंगेर : सदर प्रखंड के हसनपुर काली प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुक्रवार को कुछ असामाजिक तत्वों के करतूत के कारण दो समुदाय के बीच जमकर झड़प हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. पूजा समिति के लोगों ने विरोध करते हुए शीतलपुर तीन बटिया चौक पर विसर्जन शोभायात्रा को रोक दिया. मामले की गंभीरता को देखते […]

मुंगेर : सदर प्रखंड के हसनपुर काली प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुक्रवार को कुछ असामाजिक तत्वों के करतूत के कारण दो समुदाय के बीच जमकर झड़प हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. पूजा समिति के लोगों ने विरोध करते हुए शीतलपुर तीन बटिया चौक पर विसर्जन शोभायात्रा को रोक दिया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी अमरेंद्र प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा वहां पहुंचे और बाद में सुरक्षा बलों द्वारा प्रतिमा ट्रॉली खींच कर मुंगेर लाया गया. इस मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव व्याप्त है. सीताकुंड में आरती लगने की है परंपरा श्री श्री 108 काली पूजा समिति हसनपुर की प्रतिमा परंपरा रही है कि मां काली को सीताकुंड ले जाकर आरती लगायी जाती है.

इसके लिए पूजा समिति के 21 एवं शांति समिति के 40 लोग प्रतिमा को लेकर सीताकुंड मंदिर तक जाते हैं और वहां मां को आरती लगाने के बाद वापस हसनपुर मोड़ पर लाया जाता है.

लेकिन जब प्रतिमा को सीताकुंड ले जाया जा रहा था तो इन 61 सदस्यों के अतिरिक्त कई लोग भी भीड़ में शामिल होकर सीताकुंड की ओर बढ़ गये. प्रशासनिक चूक के कारण प्रतिमा के साथ जाने वाले लोगों की संख्या सैकड़ों में हो गयी. जैसे ही सीताकुंड में प्रतिमा को आरती दिखा कर वापस लाया जा रहा था तो एक समुदाय के लोगों ने प्रतिमा के साथ बज रहे डीजे को बंद करने की अपील की.

जिसे न तो पूजा समिति के लोगों ने माना और न ही प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा डीजे को बंद कराया गया. जिसके कारण स्थिति भड़क उठी और हो हल्ला होने लगा. प्रतिमा पर फेंका गया ढेला प्रतिमा कल्याणचक की सीमा पर पहुंची कि किसी शरारती तत्व द्वारा प्रतिमा को निशाना बना कर ढेला फेंक दिया गया.

फिर क्या था दोनों पक्ष के लोग आपस में भिड़ गये. दोनों पक्ष के बुद्धिजीवियों द्वारा आक्रोशित लोगों को शांत किया गया. किंतु काफी देर तक दोनों पक्ष के बीच नोक- झोंक होती रही. प्रतिमा जब शीतलपुर तीनबटिया पर पहुंची तो वहां पर पहले से मौजूद लोगों ने प्रतिमा को रोक दिया और फिर से सैकड़ों की संख्या में लोग बरदह की ओर दौड़ पड़े.

जिसे सुरक्षा बलों द्वारा रोका गया. पहुंचे डीएम व एसपी स्थिति तनावपूर्ण हो जाने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अमरेंद्र प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा मौके पर पहुंचे और घंटों मामले को शांत करने में लगे रहे.

किंतु जब पूजा समिति के लोग प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाने को तैयार नहीं हुए तो प्रशासन ने बल प्रयोग कर प्रतिमा को अपने कब्जे में ले लिया और पुलिस कर्मियों द्वारा प्रतिमा को विसर्जन के लिए मुंगेर लाया गया. –

-झड़प का कारण बना प्रशासनिक चूक–प्रशासनिक चूक से स्थिति हुई तनावपूर्णफोटो : मो. जशीमउद्दीनमुंगेर : बरदह निवासी मो. जशीमउद्दीन ने बताया कि दोनों समुदाय के बीच प्रशासनिक चूक के कारण झड़प हुई. पूर्व से जो चीजें प्रतिबंधित थी उसे इस बार अधिकारियों ने नजर अंदाज कर दिया. डीजे पर नहीं लगाया गया

: मो. परवेज चांद मुंगेर : राजद के जिला उपाध्यक्ष मो. परवेज चांद ने कहा कि पूर्व में कभी भी डीजे बजा कर प्रतिमा को नहीं ले जाया जाता था.

किंतु इस बार जब पूजा समिति द्वारा डीजे बजा कर प्रतिमा को ले जाया जा रहा था. तब प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा उन्हें नहीं रोका गया.-लोगों के हुजूम से हुई तना- तनीफोटो : मो. जहांगीर मुंगेर : अधिवक्ता मो. जहांगीर ने बताया कि दोनों समुदाय के साथ तना- तनी होने का मुख्य कारण लोगों का हुजूम था.

21 लोगों के जगह सैकड़ों लोग शोभा यात्रा में शामिल हो गये. जिसे प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा नजर अंदाज कर दिया गया.प्रतिमा ले जाने में हुआ काफी विलंबफोटो : हाजी कमाल साहबमुंगेर : बरदह निवासी हाजी कमाल साहब ने कहा कि हर साल ग्यारह बजते- बजते प्रतिमा को बरदह से निकाल दिया जाता था.

किंतु इस बार प्रशासनिक पदाधिकारियों ने जुम्मे की नमाज का ख्याल न रखते हुए प्रतिमा विसर्जन में काफी विलंब होने दिया.—-ढ़ेला चलाने पर हुआ विवादफोटो : रविंद्र सावमुंगेर : शांति समिति के सदस्य रविंद्र साव ने कहा कि शरारती तत्वों द्वारा प्रतिमा के उपर ढ़ेला चलाये जाने के कारण विवाद हुआ. इससे प्रतिमा क्षतिग्रस्त भी हो सकता था.

-डीजे बंद करवाने की बात पर हुई झड़पफोटो : प्रेम कुमारमुंगेर : पूजा समिति के सचिव प्रेम कुमार ने बताया कि एक समुदाय द्वारा डीजे को बंद करने कहा जा रहा था. डीजे बंद नहीं करने पर दोनों पक्ष के बीच झड़प हुई.

पिछले साल भी फेंका गया था ढ़ेलाफोटो : उमेश राममुंगेर : पूजा समिति के अध्यक्ष उमेश राम ने कहा कि दोनों पक्ष के बीच झड़प होने का मुख्य कारण प्रतिमा पर ढ़ेला फेंका जाना था. पिछले साल भी प्रतिमा पर ढ़ेला फेंका गया था. जिसे शांति समिति के बैठक में बताया भी गया.

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