धनतेरस : बाजार में हुई धन की वर्षा, करोड़ों का हुआ कारोबार

धनतेरस : बाजार में हुई धन की वर्षा, करोड़ों का हुआ कारोबार खरीदारों के भीड़ से पटा बाजार, दिन भर बनी रही जाम की समस्याफोटो संख्या : 5,6,7,8फोटो कैप्सन : खरीदारी के लिए बाजार में उमड़ी भीड़, बरतन दुकान पर खरीदारी एवं शहर में रही जाम की स्थिति प्रतिनिधि, मुंगेरधनतेरस को लेकर सोमवार को बाजार […]

धनतेरस : बाजार में हुई धन की वर्षा, करोड़ों का हुआ कारोबार खरीदारों के भीड़ से पटा बाजार, दिन भर बनी रही जाम की समस्याफोटो संख्या : 5,6,7,8फोटो कैप्सन : खरीदारी के लिए बाजार में उमड़ी भीड़, बरतन दुकान पर खरीदारी एवं शहर में रही जाम की स्थिति प्रतिनिधि, मुंगेरधनतेरस को लेकर सोमवार को बाजार में धन की भरपूर वर्षा हुई. जिले भर के अलग- अलग व्यवसाय में करोड़ों का कारोबार हुआ. सुबह से देर शाम तक खरीदारों की भीड़ लगी रही. मुंगेर के मुख्य बाजार पूरी तरह जाम रहा. एक ओर जहां ऑटो मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स समानों की जम कर बिक्री हुई. वहीं चांदी के सिक्के, स्वर्ण आभूषण, पीतल, तांबा व स्टील के बरतन तथा मोबाइल की बिक्री परवान पर रही. ढलते गया दिन, बढ़ती गयी भीड़धनतेरस की खरीदारी को लेकर वैसे तो लोग सुबह से ही बाजार पहुंचने लगे. किंतु जैसे-जैसे दिन ढलते गया. वैसे-वैसे बाजार में खरीदारों की तादाद भी बढ़ते गयी. शाम में खरीदारों की भीड़ इतनी बढ़ गयी कि लोगों का सड़क के इस पार से उस पार होना तक मुश्किल हो गया. वाहनों की तो छोड़िये, पैदल चलने वालों को दस कदम की दूरी तय करने में दस मिनट से कम का समय नहीं लगता था. आय मोल-भाव नॉय, एक्के दाम लगथौंबरतन, सर्राफा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल्स व अन्य सामग्रियों के दुकान पर खरीदारों की काफी भीड़ थी. दुकानदारों को सामान बेचने से अधिक सामानों की निगरानी करने में परेशानी हो रही थी. अधिकांश खरीदार बार-बार अलग अलग सामानों की कीमत पूछ रहे थे. जिस पर एक दुकानदार ने तमतमाते हुए बोल उठा कि ” आय मोल- भाव नॉय, एक्के दाम लागथों ”. कई दुकानों में तो सामान के उपर दाम लिखा स्टीकर ही चिपका दिया गया था. जिससे दुकानदार व ग्राहक दोनों को सहुलियत हो रही थी.सड़कों पर सजा धनतेरस का बाजारधनतेरस को लेकर वैसे तो पहले से ही स्थायी दुकानें सज चुकी थी. किंतु सोमवार को शहर का फुटपाथ पर ही नहीं बल्कि बीच सड़कों पर भी व्यापक रूप में धनतेरस का बाजार सजा. 90 करोड़ से अधिक का हुआ कारोबार फ्रीज व एलइडी टीवी का रहा डिमांडधनतेरस की खरीदारी में यदि इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बात की जाय तो सबसे अधिक फ्रीज व एलइडी टीवी का डिमांड रहा. इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी हरि प्रसाद की मानें तो जिले भर में लगभग 35 स्थायी दुकानों में लगभग 8 करोड़ अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री हुई है. जिसमें आयरन, गीजर, इलेक्ट्रिक चूल्हा, वाशिंग मशीन, नन स्टिक बरतन सहित अन्य प्रकार इलेक्ट्रिक समान शामिल हैं. बरतनों से चमचमाया किचनधनतेरस पर लोग कुछ खरीदारी करे न करे, किंतु रसोई से जुड़े बरतनों की खरीदारी जरूर करते हैं. सोमवार को भी ऐसा ही देख गया. बरतन के कारोबार में भी काफी उछाल पाया गया. व्यवसायी दुर्गा प्रसाद के अनुसार जिले भर में बरतन के लगभग 80 दुकानों में 1 करोड़ 60 लाख के छोटे- बड़े सामान बिके.खूब बिके चांदी व सोने के सिक्केधनतेरस पर लोगों ने आभूषणों की खरीदारी पर काफी रुचि दिखायी. जानकारों के अनुसार इस दिन चांदी के सिक्के व अन्य वस्तुओं के खरीदने का विशेष महत्व है. चांदी व सोने के सिक्कों के साथ-साथ खरीदारों ने आभूषणों की भी जम कर खरीदारी की. सर्राफा व्यवसायी सुशांत कुमार डे के अनुसार जिले भर के लगभग 500 दुकानों में 50 करोड़ का कारोबार किया गया.सड़कों पर बढ़ी बाइकों की संख्याकई माह पूर्व से ही लोग बाइक की खरीदारी के लिए धनतेरस के दिन को तय करके रखते हैं. इस बार कई लोग तो पहले से ही अपने बाइक की बुकिंग भी करवाये हुए थे. ताकि उन्हें धनतेरस के दिन खरीदारी में अधिक समय न गंवाना पड़े. सूत्रों की मानें तो जिले भर में लगभग 500 बाइक की खरीदारी की गयी, जिसमें लगभग 30 करोड़ का कारोबार हुआ. युवाओं में दिखा मोबाइल का क्रेजधनतेरस के दौरान जहां युवाओं की पसंद बाइक देखी गयी. वहीं मोबाइलों के प्रति भी युवाओं में खासा क्रेज देखने को मिला. जिले भर में 300 सौ से अधिक मोबाइल की दुकानें हैं. सभी दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी हुई थी. जिसमें बड़े स्क्रीन व लंबी बैटरी वाले मोबाइल का डिमांड अधिक था. जिसमें लगभग 50 लाख की मोबाइल बेची गयी. ————————–बॉक्स——————- सड़कों पर दिन भर लगी रही जमा शहर की सड़कों पर दिन भर जाम लगते ही रहा. वाहन चालक किसी तरह अपने रूट को बदल- बदल कर जाम से बचने की कोशिश में लगे रहे. राजा बाजार चौक से नीलम चौक, एक नंबर ट्रैफिक से पूरब सराय, बड़ी बाजार रोड, गोला रोड सहित अन्य सड़कों पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही. कई बार तो जाम की स्थिति ऐसी बन जाती थी कि पैदल चलने वाले राहगीरों को या तो काफी देर रुकना पड़ जाता था या फिर अपना रास्ता ही बदल देना पड़ता था. वाहनों के हॉर्न व धुआं से वातावरण भी प्रदूषित हो रहा था. जाम की स्थिति को नियंत्रण करने के लिए ट्रैफिक पुलिस दूर- दूर तक नजर ही नहीं आ रहे थे. जिसके कारण दिन भर बाजार की विभिन्न सड़कें बुरी तरह जाम की भेंट चढती रही.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >