मुंगेर : मुंगेर में नक्सलियों द्वारा संगठन को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर लेवी वसूली जा रही है. लेवी सरकारी योजनाओं का काम कर रहे संवेदक, सरकारी कर्मी एवं बड़े व्यवसायियों से वसूल की जा रही है. जबकि पहाड़ व बालू के अवैध उत्खनन तथा पत्थर एवं मोरंग के कारोबार में भी लेवी वसूली जा रही है. माओवादियों ने लेवी वसूलनेवालों एवं पत्थर माफियाओं का एक गिरोह तैयार किया है. जिसमें शामिल लोग कमीशन पर काम कर रहे हैं.
पहाड़ व बालू के अवैध उत्खनन व योजनाओं के लेवी से मजबूत हो रहा नक्सली संगठन
मुंगेर : मुंगेर में नक्सलियों द्वारा संगठन को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर लेवी वसूली जा रही है. लेवी सरकारी योजनाओं का काम कर रहे संवेदक, सरकारी कर्मी एवं बड़े व्यवसायियों से वसूल की जा रही है. जबकि पहाड़ व बालू के अवैध उत्खनन तथा पत्थर एवं मोरंग के कारोबार में भी लेवी […]

एक तरफ जहां पुलिस नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करने और आर्थिक क्षति पहुंचाने की कोशिश में जुटी है. वहीं दूसरी तरफ नक्सली विकास कार्यों से बड़े पैमाने में लेवी वसूल कर अपनी शक्ति को मजबूत कर रहा है. लेवी नहीं देने पर वाहनों को जलाना, मजदूरों को पीटना आम बात है.
19 अगस्त 2019 की अहले सुबह नक्सलियों का मारक दस्ता लखीसराय जिले के चानन थाना क्षेत्र के मननपुर महादलित टोला की मुख्य सड़क पर मदन यादव एवं स्कॉर्पियो के चालक छोटू कुमार को गोलियों से छलनी कर दिया. इस मामले में पुलिस ने राणा सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
उस समय पुलिस ने बताया था कि मदन एवं गिरफ्तार युवक नक्सलियों के लिए लेवी वसूली का काम करता था. लेकिन लेवी वसूली में दोनों में विवाद हुआ और राणा ने नक्सली नेताओं का कान भर कर मदन की हत्या करवा दी. डीआईजी मनु महाराज ने भी कहा था कि दोनों नक्सलियों के लिए लेवी वसूलने का काम करता था. घटना के बाद यह तय हो गया कि मुंगेर, जमुई एवं लखीसराय में नक्सलियों ने लेवी वसूली करने के लिए कमीशन पर लोगों को तैनात कर रखा है.
पत्थर व मोरंग के कारोबार से आर्थिक स्थिति सुधार रहे नक्सली : नक्सल प्रभावित धरहरा, लड़ैयाटांड, हवेली खड़गपुर, शामपुर, गंगटा थाना क्षेत्र के पहाड़ों पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है. जिसमें पत्थर माफिया शामिल है. जो अवैध उत्खनन कर पहाड़ से निकले पत्थर और मोरंग को बेच कर नक्सलियों को उसका हिस्सा पहुंचा रहा है. बड़े पैमाने पर नक्सल प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों में पत्थर माफियाओं द्वारा अवैध रूप से कीमती पत्थरों का उत्खनन किया जा रहा है.
साथ ही बालू लदे ट्रैक्टर से अवैध वसूली की जा रही है. पत्थर और बालू माफिया पुलिस को तो नजराना देते ही हैं. साथ ही साथ नक्सलियों को भी लेवी दे रहे. लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है. बताया जाता है कि धरहरा प्रखंड के गौरैया, खुदीबंद, सखोल, मोहनपुर, औड़ा बगीचा, मनकोटिया, सखोल, बरमसिया घटवारी आदि इलाकों में ऐसे पत्थर माफिया सक्रिय हैं.
पत्थर माफिया बेखौफ होकर जहां पत्थर उत्खनन कर रहे हैं. वहीं टेटियाबंबर के देवघरा एवं बनरकोला, हवेली खड़गपुर एवं शामपुर थाना क्षेत्र के पड़ने वाले पहाड़ से पत्थर माफिया के द्वारा अवैध कंक्रीट पत्थर (मोरंग) उत्खनन कर माफिया रातों -रात मालामाल हो रहे हैं. जिससे नक्सलियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती जा रही है.
सरकारी योजनाओं में लेवी वसूल रहा नक्सली : नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जो भी सरकारी योजना संचालित हो रही है. उसमें नक्सलियों को लेवी दिया जा रहा है. कई बार इसका पुख्ता सबूत मिला है.
20 अप्रैल 2017 को पुलिस ने नक्सली संगठन को लेवी पहुंचाने जा रहे मेसर्स निशांत कंस्ट्रक्शन बड़हिया के दो मुंशी कंपनी साह एवं अमर कुमार को लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के अमरासनी कोल के पास से गिरफ्तार किया था. उसके पास से एक लाख रुपये नकद भी बरामद किया था. जबकि वर्ष 2018 में लेवी की राशि नहीं मिलने पर नक्सलियों ने हवेली खड़गपुर में मुखिया और उसके पुत्र का अपहरण कर लिया था. जबकि 2019 में खड़गपुर प्रमुख के भतीजे का अपहरण किया गया था. लेवी देने के बाद ही नक्सलियों द्वारा उसे मुक्त किया गया.
सरकारी योजनाओं में लेवी वसूल कर नक्सली अपनी आर्थिक स्थित मजबूत कर रहे है. लेवी नहीं मिलने पर नक्सलियों द्वारा निर्माण कार्य में लगे वाहनों को जलाना और मजदूरों के साथ मारपीट करना आम बात है. मुंगेर में इसके कई उदाहरण है. जिसके कारण बिना नक्सलियों को लेवी दिये नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का काम कराना संभव नहीं है. संवेदक पुलिस के पास जाने से बेहतर नक्सलियों को लेवी देने में ही बेहतरी महसूस करते है.
कहते हैं डीआइजी
डीआइजी मनु महाराज ने कहा कि नक्सलियों द्वारा लेवी वसूलने की सूचना मिलती है. लेकिन पुलिस के पास शिकायत नहीं आती है. वैसे पुलिस अपने स्तर से लेवी वसूली की निगरानी कर रही है. नक्सलियों के आर्थिक नाकेबंदी भी की गयी है. उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का काम करा रहे संवेदकों से अपील किया कि वे नक्सलियों को लेवी नहीं दे. पुलिस के पास आये. पुलिस जान-माल के सुरक्षा की पूरी गारंटी देंगी.
घटनाअों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं नक्सली
केस स्टडी – 1
22 दिसंबर 2018 : लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के न्यू पैसरा गांव के पीछे विजया पहाड़ी के पास नक्सलियों ने दो ट्रैक्टर में आग लगा दी थी. नक्सलियों ने रात करीब साढ़े ग्यारह बजे घटना को अंजाम दिया था. कहा गया था पत्थर माफियाओं ने राशि नहीं दी थी. जिसके कारण वाहन में आग लगा दिया गया.
केस स्टडी – 2
30 मई 2018 : देर रात 30-40 की संख्या में आये नक्सलियों ने हवेली खड़गपुर के सिंधवारनी के समीप अंधाधुंध गोलीबारी की और हवेली खड़गपुर झील की सफाई में लगे दर्जनों जेसीबी मशीन, हाईवा एवं मोटर साइकिल को आग के हवाले कर दिया था. मजदूरों को अगवा कर लिया था. कारण था समय पर लेवी नहीं देने का.
केस स्टडी – 3
26 दिसंबर 2018 : प्रतिबंधित नक्सलियों ने देर रात शामपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ की तराई वाले लालमटिया गांव के समीप स्थित निजी जमीन पर जेसीबी से तालाब खुदाई के लिए किए जा रहे जमीन समतलीकरण कार्य में लगे जेसीबी मशीन को जला दिया. लेकिन पुलिस उसे अपराधिक घटना बताया था.
केस स्टडी – 4
23 मार्च 2018 : हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र की दरियारपुर दो पंचायत के मुखिया भोला वर्मा व उसके पुत्र शंभू वर्मा का नक्सलियों ने रात में अपहरण कर लिया था. कारण था कुछ योजनाओं में नक्सलियों को लेवी नहीं मिलना. लेवी मिलने के बाद नक्सलियों ने उसे छोड़ दिया था. इस मामले में लेवी का माइनेज करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
केस स्टडी – 5
13 जनवरी 2019 : हवेली खड़गपुर प्रखंड के प्रखंड प्रमुख अनिता देवी के पति राकेश यादव एवं उसके भतीजे पुरुषोत्तम को देर रात नक्सलियों ने अगवा कर लिया था. कुछ ही देर में प्रमुख पति को छोड़ दिया गया था. लेकिन भतीजे को नक्सली लेकर चला गया था. पुलिस ने 10-15 दिनों तक छापेमारी की. लेकिन उसे नक्सलियों के चंगुल से मुक्त नहीं करा पायी. कुछ दिन बाद पुलिस ने दावा किया कि कार्रवाई कर पुरुषोत्तम पुलिस ने छुड़ाया. लेकिन क्षेत्र में चर्चा थी कि योजनाओं में निर्धारित राशि से अधिक राशि लेने के बाद नक्सलियों ने उसे मुक्त किया था.