डीआइजी के आदेश को ठेंगा दिखा रहे चौथम थानाध्यक्ष, आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं

मुंगेर/खगड़िया : खगड़िया जिले के चौथम थाना में एक आपराधिक मामले में तीन बच्चों को अभियुक्त बनाये जाने और कांड के सूचक के मेल में अनुसंधान करने के आरोप में मुंगेर के पुलिस उपमहानिरीक्षक जीतेंद्र मिश्रा ने अवर निरीक्षक कैलाश प्रसाद यादव को निलंबित कर दिया है. जबकि इस मामले में चौथम के थानाध्यक्ष से […]

मुंगेर/खगड़िया : खगड़िया जिले के चौथम थाना में एक आपराधिक मामले में तीन बच्चों को अभियुक्त बनाये जाने और कांड के सूचक के मेल में अनुसंधान करने के आरोप में मुंगेर के पुलिस उपमहानिरीक्षक जीतेंद्र मिश्रा ने अवर निरीक्षक कैलाश प्रसाद यादव को निलंबित कर दिया है. जबकि इस मामले में चौथम के थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

बताया जाता है कि खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र के ठुठी गांव निवासी मो रजी अहमद एवं उनके तीन छोटे-छोटे बच्चों को चौथम थाना कांड संख्या 115/18 में अभियुक्त बना दिया गया. इस मामले में इन लोगों पर पेड़ काटने का आरोप है. जब रजी अहमद ने मामले को लेकर डीआइजी के समक्ष न्याय की गुहार लगायी थी तो 24 फरवरी 2018 को ही डीआइजी ने थानाध्यक्ष चौथम को आवश्यक कार्रवाई के लिए आवेदन भेजा था. किंतु अबतक जांच प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है.
इधर पुन: 10 अगस्त को रजी अहमद डीआइजी के समक्ष अपने छह वर्ष, आठ वर्ष व दस वर्ष के बच्चों को लेकर जब डीआइजी के दरबार में न्याय की गुहार लेकर हाजिर हुआ, तो डीआइजी ने कार्रवाई करते हुए कांड के अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी को निलंबित कर दिया.
छह माह में भी डीआइजी के आदेश का नहीं हुआ पालन
थाने में बैठे पुलिस अधिकारी अपने वरीय अधिकारियों के आदेश व निर्देश की धज्जियां उड़ा रहे हैं. तभी तो मुंगेर क्षेत्र के डीआइजी के 24 फरवरी 2018 के आदेश के बावजूद चौथम के थानाध्यक्ष ने अबतक कांड संख्या 115/18 में जांच प्रतिवेदन नहीं भेजा है. इस व्यवस्था में पीड़ितों को न्याय कैसे मिलेगा. वैसे डीआइजी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चौथम थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है.

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