Motihari: चरस व हीरण सींग तस्करी मामले में दो को 12-12 वर्षों की सजा

विशेष न्यायाधीश सह ए डी जे रेशमा वर्मा ने चरस तस्करी एवं हिरण सींग बरामदगी मामले में दोषी पाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है.

Motihari: मोतिहारी . स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश सह ए डी जे रेशमा वर्मा ने चरस तस्करी एवं हिरण सींग बरामदगी मामले में दोषी पाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है. दोनों को बारह बारह वर्षों का सश्रम कारावास एवं एक को तीन लाख रुपये तथा दूसरे को तीन लाख पंद्रह हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है. अर्थ दंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटने का आदेश दिया है. सजा रक्सौल थाना के रक्सौल मौजे वार्ड नंबर 14 निवासी ईश्वरी प्रसाद के पुत्र उमेश साह तथा इलायगुंडी 36 साउथ इंक्लेव शिवगंगा तमिलनाडु निवासी नानगुर गन्नी कमाल के पुत्र इमथियास उर्फ अन्ना को हुई. मामले में सुगौली के तत्कालीन थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र ने सुगौली थाना कांड संख्या 208/2022 दर्ज कराते हुए दोनों को नामजद किया था. जांच के दौरान दोनों के बैग से दस पॉकेट में 9.646 किलो चरस बरामद हुआ. वहीं अन्ना के बैग से हिरण सींग भी बरामद हुई जिसके आधार पर एनडीपीएस वाद संख्या 33/2022 दर्ज किया गया. विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक डॉ. शंभू शरण सिंह ने आठ गवाहों का न्यायालय में गवाहों को प्रस्तुत करते हुए पक्ष रखा. दोनों पक्षों का दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने धारा 20(बी)ii (सी),23(सी) एनडीपीएस एवं 51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई है कारागार में बीताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी.

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By INTEJARUL HAQ

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