X-ray machine breakdown: राज्य सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने में लगी है, बावजूद इसके सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है. स्थानीय अनुमंडलीय अस्पताल में शनिवार को एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की चरमराई व्यवस्था से मरीजों को दो-चार होना पड़ा. शनिवार को अस्पताल की एकमात्र एक्स-रे मशीन अचानक खराब हो गई, जिसके कारण घंटों मरीज परेशान रहे. जांच के लिए आए मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ा और कई गंभीर मरीजों को मजबूरन निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ा.
Sub-divisional hospital: एकमात्र मशीन ठप होने से मरीज हुए परेशान
अनुमंडल के सबसे बड़े अस्पताल में रोजाना दर्जनों मरीज एक्स-रे जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मशीन ठप रहने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा. आए दिन मशीन खराब होने के कारण मरीजों को निजी क्लीनिकों में महंगे दाम पर जांच करानी पड़ती है. यह स्थिति विशेष रूप से गरीब व ग्रामीण मरीजों के लिए एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गई है.
healthcare issues: मरम्मत में लापरवाही और प्रशासन की उदासीनता
मौके पर मौजूद मरीजों ने बताया कि मरम्मत में लापरवाही के कारण अस्पताल में हर बार मशीन खराब होने की समस्या सामने आती है. अस्पताल प्रशासन की उदासीनता का खामियाजा सीधे तौर पर गरीब व ग्रामीण मरीजों को भुगतना पड़ता है. मरीजों के अनुसार एक्स-रे जैसी सामान्य सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध नहीं होना अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
निजी जांच घरों का धंधा फल-फूल रहा है
लोगों ने तीखा आरोप लगाया कि अस्पताल की ध्वस्त व्यवस्था के कारण ही शहर में कुकुरमुत्ते की तरह फैले अवैध जांच घरों और निजी क्लीनिकों का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है. मजबूरन मरीजों को बाहर से महंगे दामों पर अपनी जांच करानी पड़ रही है.
मरीजों ने की व्यवस्था में सुधार की मांग
अस्पताल में इलाज कराने आए लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एक्स-रे मशीन को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि भविष्य में मरीजों को इस तरह की भारी परेशानियों का सामना न करना पड़े.
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