Motihari : पाकिस्तानी आतंकियों के टेरर फंडिंग के जांच में जुटी पुलिस

शटरकटवा गिरोह के लिए दो दशक से चर्चित घोड़ासहन अब साइबर ठगी गिरोह का केंद्र के रूप में चर्चित होने लगा है.

Motihari : घोड़ासहन .शटरकटवा गिरोह के लिए दो दशक से चर्चित घोड़ासहन अब साइबर ठगी गिरोह का केंद्र के रूप में चर्चित होने लगा है. दो लोगों को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के थाना ललिया पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार दोनों आरोपी पिता-पुत्र घोड़ासहन बीरता चौक के रहने वाले हैं. आरोपियों की पहचान गोलू कुमार और उनके पिता भूषण कुमार चौधरी के रूप में हुई है. गिरफ्तार दोनों साइबर ठगों के पास से एक लैपटाप, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन, सात आधार कार्ड, 2650 रुपये नकद और 100 रुपये नेपाली मिले हैं. गोलू कुमार घोड़ासहन में साइबर कैफे चलाता है. वहां आधार कार्ड से संबंधित कार्य करता है. करीब दो साल पहले कुछ लोगों ने उसे बाइनेंस आईडी बनवाकर साइबर ठगी के पैसों को यूएसडीटी में बदलना सिखाया. अबतक कुल 56,60,311.94 छप्पन लाख साठ हजार तीन सौ ग्यारह यूएसडीटी जिसका भारतीय मुद्रा में वर्तमान मूल्य 50,67,28,074 (पचास करोड़ सरसठ लाख अट्ठाइस हजार चौहत्तर रुपए) है, साइबर फ्राड की धनराशि को देश/ विदेशों में रहने वाले मुख्य साइबर फ्राडस्टर्स को भेजा गया है. वहीं जांच में 6 बाइनेंस आई डी से अब तक करीब एक सौ एक करोड़ 34 लाख का ट्रांजेक्शन सामने आया है. जिसमे 5 बाइनेंस आई डी भारत मे व एक नेपाल में बाइनेंस आई डी काम कर रहा है. गूगल प्ले स्टोर से लोन एप डाउनलोड कर फंसाते ग्राहक एसपी के मुताबिक गिरोह प्ले स्टोर पर मौजूद उधार लोन, रुपे फैक्ट्री, क्यूक लोन, क्रेडिटबी जैसे लोनिंग ऐप डाउनलोड कराता था. आधार, पैन, बैंक डिटेल और फोटो अपलोड करते ही पीड़ित उनकी जाल में फंस जाता था. इसके बाद खाते में 1200 भेजकर मोबाइल से निजी जानकारी ले ली जाती थी. रिकवरी एजेंट गाली और धमकी देकर 17 दिन में 2000 लौटाने को मजबूर करते थे. यह रकम क्रिप्टो के माध्यम से विदेश भेज दी जाती थी. एजेंसियां अलर्ट, पाक कनेक्शन की जांच सस्पियर गिरोह का खुलासा होते ही जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. माना जा रहा है कि गिरोह के तार पाकिस्तान में बैठे साइबर ऑपरेटरों से सीधे जुड़े हैं. पुलिस ने साफ किया कि गुत्थी पूरी तरह सुलझाने के लिए अभी जांच चल रही है. मामले में अभी कई और साइबर ठगों की पड़ताल हो रही है. एसपी ने बताया कि जांच लगातार की जा रही है. कुछ अहम जानकारी भी मिली है, जिसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है. जल्द ही और बड़े खुलासे होंगे. भूषण चौधरी व गोलू ने दो साल में बनाई करोड़ो की संपत्ति यूपी के बलरामपुर में गिरफ्तार घोड़ासहन निवासी भूषण चौधरी फल के थोक विक्रेता है और उनकी दुकान स्थानीय बस स्टैंड में है. वहीं उनके पुत्र गोलू कुमार की साइबर कैफे की दुकान मेन रोड में स्थित सेंट्रल बैंक के नीचे है. जहां वह फिनो बैंक समेत कई प्राइवेट बैंकों का सीएसपी चलाता है. साथ ही रेलवे की रिजर्वेशन टिकट भी निकालने का काम करता है. सूत्रों की माने तो दोनो पिता पुत्र बीते दो वर्षों में करोड़ो की संपत्ति अर्जित कर चुके है.

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Published by: Satendra prasad sat

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