90 हजार लाभार्थियों की पेंशन पर लगी रोक, जीवन प्रमाणीकरण न कराना पड़ा भारी

पूर्वी चंपारण जिले में 90 हजार पेंशनरों की पेंशन राशि रोक दी गई है क्योंकि उन्होंने अपना जीवन प्रमाणीकरण (भौतिक सत्यापन) नहीं कराया है। यह कड़ा कदम उन लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा है जो अपनी मासिक पेंशन पर निर्भर हैं।

 Motihari Pension News: पूर्वी चंपारण जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभ पाने वाले हजारों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए बड़ी खबर है. विभाग द्वारा बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद जिन लाभार्थियों ने अब तक अपना जीवन प्रमाणीकरण (भौतिक सत्यापन) नहीं कराया है, उनकी पेंशन राशि पर रोक लगा दी गई है. इस कड़े कदम से उन लाभार्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जो हर महीने मिलने वाली सहायता राशि पर निर्भर हैं.

18 प्रतिशत लाभार्थियों की पेंशन अटकी

पूर्वी चंपारण जिले में करीब पांच लाख पेंशनधारी हैं. इनमें से लगभग 18 प्रतिशत यानी 90 हजार के करीब लाभार्थियों की पेंशन रोक दी गई है. नियम के अनुसार, हर साल पेंशनभोगियों को जीवित होने का प्रमाण देना अनिवार्य होता है. ऐसा न करने पर विभाग उन्हें मृत या अपात्र मानकर भुगतान रोक देता है.

सत्यापन में क्यों आ रही हैं दिक्कतें

विभागीय जानकारों के अनुसार बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट उम्र के कारण घिस जाने से बायोमेट्रिक मैच नहीं हो पा रहे हैं. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और बैंक खाते व पहचान पत्र के विवरण में अंतर होने के कारण भी कई लाभार्थियों का सत्यापन फेल हो रहा है.

सहायक निदेशक ने की जल्द सत्यापन की अपील

जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक अक्षय कुमार ने जल्द जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील की है. जिन लोगों की पेंशन रुकी है, वे तुरंत नजदीकी वसुधा केंद्र, प्रखंड कार्यालय या बैंक शाखा में जाकर भौतिक सत्यापन करा सकते हैं. सत्यापन सफल होते ही रुकी हुई राशि खाते में भेज दी जाएगी.

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