Motihari News: जिला एवं अंचल प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में मनाए जा रहे ‘बाढ़ सुरक्षा सप्ताह 2026’ के अंतर्गत आज शनिवार (6 जून 2026) को बंजरिया अंचल के सिसवा पूर्वी पंचायत में एक विशेष मॉक ड्रिल का भव्य आयोजन किया जाएगा. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसूनी सीजन को देखते हुए बाढ़, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और अगलगी जैसी गंभीर प्राकृतिक व मानव निर्मित आपदाओं के समय त्वरित बचाव और सुरक्षा उपायों को लेकर जमीनी स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता फैलाना है.
SDRF की टीम संभालेगी कमान
प्रशासनिक निर्देशों के आलोक में, इस विशेष मॉक ड्रिल का संचालन राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की कुशल टीम द्वारा सीधे पंचायत स्तर पर किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति में जनहानि और मवेशियों के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाना है. इसके साथ ही, आम ग्रामीणों को बाढ़ के पानी में फंसने पर खुद को और दूसरों को सुरक्षित निकालने के वैज्ञानिक तरीकों व तकनीकों से रूबरू कराया जाएगा. जिला प्रशासन ने इस मॉक ड्रिल को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए बंजरिया अंचलाधिकारी (CO) सहित सभी संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों और विकास मित्रों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
मुखिया की ग्रामीणों से खास अपील
सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया तान्या प्रवीण ने प्रशासन की इस कड़क और संवेदनशील पहल का पुरजोर स्वागत किया है. उन्होंने पंचायत के सभी नागरिकों, युवाओं और महिलाओं से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की भावुक अपील की है. ग्रामीणों को जागरूक करते हुए मुखिया ने कहा कि आपदा के समय घबराने के बजाय हमारी सजगता और सही जानकारी ही बचाव का सबसे बड़ा और अचूक साधन साबित होती है. उन्होंने आगे कहा, “यह मॉक ड्रिल संकट के दौरान होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकने की अत्यंत महत्वपूर्ण और जीवन रक्षक जानकारी देगी, जिसे हर नागरिक के लिए जानना बेहद आवश्यक है.”
आपदा के समय सजगता ही सबसे बड़ा बचाव
यह विशेष मॉक ड्रिल आज सिसवा पूर्वी पंचायत के स्थानीय पंचायत सरकार भवन या मुख्य पंचायत भवन के परिसर में संपन्न कराई जाएगी. कार्यक्रम को बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए अंचलाधिकारी को SDRF टीम के सुरक्षित आवागमन, आवश्यक रेस्क्यू बोट, सुरक्षा उपकरणों, वाहन और ईंधन (डीजल) की सुचारू व कड़ाई से व्यवस्था सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया है. इस पूरी कवायद का मूल उद्देश्य बाढ़ जैसे संभावित खतरों के प्रति प्रशासनिक तैयारियों को परखना और आम जनमानस को आपदा प्रबंधन की व्यावहारिक तकनीक सिखाना है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में पूरा जिला एकजुट होकर सुरक्षित रह सके.
मोतिहारी के बंजरिया से राज निखिल की रिपोर्ट
