motihari : जिस व्यवस्था में मन को संतोष मिले, वहीं न्याय है : जिला जज

जिस व्यवस्था से मन को संतोष मिले, वहीं न्याय है, आज राष्ट्रीय लोक अदालत शीघ्र न्याय देने का माध्यम बन गया है .

लोक अदालत के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है : डीएम 2200 मामलों का निष्पादन समझौता से किया गया मोतिहारी. जिस व्यवस्था से मन को संतोष मिले, वहीं न्याय है, आज राष्ट्रीय लोक अदालत शीघ्र न्याय देने का माध्यम बन गया है . समय के साथ समझौता कर लेना सबसे बड़ी बुद्धिमानी है, किसी को माफ कर देना अपने सर से बोझ उतारने का प्रतिक है . राष्ट्रीय लोक अदालत में मामले निष्पादन के बाद पक्षकार अपना सर ऊंचा करके जाते हैं. उक्त बातें राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश के आलोक में शनिवार को न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आशुतोष कुमार दास ने कही. वहीं प्राधिकार के उपाध्यक्ष सह जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है. इसके लिए न्यायालय का कार्य बहुत ही सराहनीय है. जरूरत है विशेष तरिका निकाल बेहतर बनाने की ताकि लिटिगेंट को अधिक लाभ मिल सके. वहीं परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश इसरार अहमद ने राष्ट्रीय लोक अदालत त्वरित न्याय के लिए मील का पत्थर कहा. जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष शेष नारायण कुंवर ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत राष्ट्रीय महापर्व बन गया है, जो दूसरे के लिए लगाया जाता है. महासचिव राजीव कुमार द्विवेदी उर्फ पप्पू दूबे ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की महता लोगों में बढ़ाने के लिए इसमें उदारता बरतने की बात कही. राष्ट्रीय लोक अदालत समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर एवं राष्ट्रगान से हुआ. इसके बाद गठित बेंचों द्वारा मामलों के निष्पादन का सिलसिला शुरू हुआ .इस दौरान लगभग 2200 मामलों का निष्पादन समझौता के आधार पर किया गया तथा छह करोड़ पर मामले सेटलमेंट हुए. एसबीआई बैंक को सवा दो करोड़ रुपये की तत्काल रिकवरी हुई. न्यायालय में लंबित 725 मामलों का निष्पादन समझौता के आधार पर किया गया . वहीं बाकी मामले बैक, बीएसएनएल, क्लेम एवं अन्य मामले समझौता के आधार पर निष्पादित किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में सभी न्यायिक अधिकारियों सहित एसबीआई के आरएम संजीव कुमार सिंह, सीएम एसबीआई आशुतोष कुमार सहित न्यायालय कर्मी की सराहनीय रही. लोक अदालत का संचालन प्राधिकार के सचिव नितिन त्रिपाठी ने की. मौके पर न्यायाधीश मुकुंद कुमार, रमेश रंजन, ऋषि कुमार, अलका पाण्डेय, इलियाना ऐश्वर्या किरण, रंजीत कुमार चौधरी, शांभवी वत्स , अर्चना कुमारी, स्वाति सुमन, मंजीता कुमारी, शिवम सिंह, मुकेश कुमार आदि उपस्थित थे.

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Author: DIGVIJAY SINGH

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