Raxaul News: भारत-नेपाल सीमा से होकर गुजरने वाली सरिसवा नदी के बढ़ते प्रदूषण और सफाई अभियान को गति देने के लिए नेपाल के वीरगंज में विभिन्न विभागों और संबंधित पक्षों की अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक का उद्देश्य नदी संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस एवं परिणाममुखी रणनीति तैयार करना था.
इस अंतरक्रिया का आयोजन प्रतिनिधि सभा की उद्योग तथा वाणिज्य, श्रम तथा उपभोक्ता हित समिति की पहल पर वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के सहयोग से किया गया.
सरकारी अधिकारियों से लेकर उद्योग प्रतिनिधि तक हुए शामिल
बैठक में बारा और पर्सा के जिला प्रशासन के अधिकारी, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस, सरिसवा नदी से जुड़े उद्योगों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित पक्ष मौजूद रहे.
सभी प्रतिभागियों ने नदी प्रदूषण के स्थायी समाधान के लिए आपसी समन्वय और साझा जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया.
प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग
बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने कहा कि नदी को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, दंड और जुर्माने जैसी व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू की जानी चाहिए.
इसके साथ ही संवाद, जनजागरूकता अभियान और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी बताया गया.
सफाई अभियान को मिलेगी नई दिशा
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि सरिसवा नदी संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सफाई अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी संस्थाओं, सुरक्षा एजेंसियों, उद्योग जगत और स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल और मजबूत किया जाए.
प्रतिभागियों ने उम्मीद जताई कि इस पहल के बाद अभियान को ठोस निष्कर्ष तक पहुंचाने और कार्यान्वयन योग्य फैसलों पर तेजी से काम होगा.
सीमा के दोनों ओर के लोगों के लिए अहम है यह नदी
सरिसवा नदी का प्रदूषण लंबे समय से भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की प्रमुख पर्यावरणीय समस्याओं में शामिल रहा है.
नदी के प्रदूषित होने से वीरगंज और रक्सौल के लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में बैठक में हुई चर्चा को सीमा क्षेत्र में नदी संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
