मोतिहारी न्यूज: आगामी बाढ़ आपदा की आशंका को देखते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय बंजरिया के सभागार में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को लेकर अनुश्रवण बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख अनिल कुमार उर्फ पप्पू यादव ने की, जबकि संचालन सीओ कृष्ण प्रताप सिंह ने किया. बैठक में संभावित बाढ़ से पहले प्रशासनिक तैयारियों को मजबूत करने और प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर हुई चर्चा
बैठक में संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गयी. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संवेदनशील इलाकों में लोगों की जरूरतों और संभावित समस्याओं को लेकर अपने सुझाव रखे. राहत सामग्री की उपलब्धता, जरूरतमंद परिवारों तक उसके वितरण और आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई को लेकर भी चर्चा हुई.
इसके अलावा बाढ़ के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए शेल्टर होम की पहचान और वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया. प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए नावों की उपलब्धता और उनके सुचारू संचालन की व्यवस्था की भी समीक्षा की गयी.
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में समन्वय पर जोर
बैठक में प्रभारी बीईओ अनूप कुमार, 20 सूत्री सह जदयू अध्यक्ष क्यामूल हक, सांसद प्रतिनिधि सह भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपु चौरसिया, मुखिया आदिल राणा, मो. अरसद, मुस्लिम मियां, रामावती देवी, दीपक कुमार सिंह, पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मण साह, विजय पासवान, अफजल आलम, अलाउद्दीन अंसारी और शमशाद आलम सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे.
जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति और संभावित बाढ़ की चुनौतियों से प्रशासन को अवगत कराया. साथ ही आपदा की स्थिति में प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया.
समय रहते पूरी हो तैयारी : प्रखंड प्रमुख
प्रखंड प्रमुख अनिल कुमार उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ की विभीषिका से आम लोगों को बचाने के लिए समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपील की, ताकि बाढ़ आने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की देरी नहीं हो.
नाव और राहत सामग्री की व्यवस्था अंतिम चरण में
सीओ कृष्ण प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और संवेदनशील व बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है. उन्होंने बताया कि नावों की सूची तैयार करने के साथ राहत सामग्री के भंडारण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है. प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक राहत और बचाव दल को जल्द से जल्द पहुंचाया जा सके.
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