Motihari: जेन जेड आंदोलन के दौरान फरार कैदी बहनोई के घर पकड़ाया

पुलिस ने गुप्त सूचना पर संयुक्त रूप से छापेमारी कर नेपाल जेल से भागे हत्याकांड के अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया.

Motihari: घोड़ासहन (पूचं). भारत नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी 71वीं वाहिनी जमुनिया कैंप के जवानों व घोड़ासहन पुलिस ने गुप्त सूचना पर संयुक्त रूप से छापेमारी कर नेपाल जेल से भागे हत्याकांड के अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार करने के बाद उसको घोड़ासहन पुलिस की मौजूदगी में झरौखर एसएसबी चेक पोस्ट पर नेपाल एपीएफ व नेपाली पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया. एसएसबी व पुलिस द्वारा उक्त कार्रवाई थाना क्षेत्र के बसवारिया गांव में गुरुवार की रात की गई. जहां वह अपने बहनोई विक्की जायसवाल के घर छुप कर रह रहा था. एसएसबी ने पकड़े गए नेपाली कैदी की पहचान नेपाल के रौतहट जिला के दीपही गांव निवासी दिलीप जायसवाल के रूप में की है. वह नेपाल के मकवानपुर जेल में बीते दो वर्षों से हत्याकांड के आरोप में बंद था. एसएसबी के अधिकारी ने बताया कि सूचना मिली थी कि नेपाल के मकवानपुर जिला जेल से जेन जेड आंदोलन के दौरान सैकड़ों कैदी फरार हो गए थे. जेल से फरार कैदियों में दिलीप जायसवाल का भी नाम शामिल था. छापेमारी टीम में एसएसबी के इंस्पेक्टर राजननन्दन व घोड़ासहन थानाध्यक्ष के साथ एसएसबी व पुलिस के कई जवान शामिल रहे. भारत नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी 71वीं वाहिनी जमुनिया कैंप के जवानों व घोड़ासहन पुलिस ने गुप्त सूचना पर संयुक्त रूप से छापेमारी कर नेपाल जेल से भागे हत्याकांड के अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार करने के बाद उसको घोड़ासहन पुलिस की मौजूदगी में झरौखर एसएसबी चेक पोस्ट पर नेपाल एपीएफ व नेपाली पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया. एसएसबी व पुलिस द्वारा उक्त कार्रवाई थाना क्षेत्र के बसवारिया गांव में गुरुवार की रात की गई. जहां वह अपने बहनोई विक्की जायसवाल के घर छुप कर रह रहा था. एसएसबी ने पकड़े गए नेपाली कैदी की पहचान नेपाल के रौतहट जिला के दीपही गांव निवासी दिलीप जायसवाल के रूप में की है. वह नेपाल के मकवानपुर जेल में बीते दो वर्षों से हत्याकांड के आरोप में बंद था. एसएसबी के अधिकारी ने बताया कि सूचना मिली थी कि नेपाल के मकवानपुर जिला जेल से जेन जेड आंदोलन के दौरान सैकड़ों कैदी फरार हो गए थे. जेल से फरार कैदियों में दिलीप जायसवाल का भी नाम शामिल था. छापेमारी टीम में एसएसबी के इंस्पेक्टर राजननन्दन व घोड़ासहन थानाध्यक्ष के साथ एसएसबी व पुलिस के कई जवान शामिल रहे.

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Published by: Satendra prasad sat

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