PDS Scam: मोतिहारी जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत उत्तरी ढेकहां पंचायत में गरीबों के निवाले पर डाका डालने का बड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है. ई-पॉस मशीन पर कार्डधारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के बाद भी उन्हें खाद्यान्न नहीं दिया गया. मामले की जांच में कुल 705.49 क्विंटल अनाज का अंतर पाए जाने के बाद दो पीडीएस दुकानदारों उमेश प्रसाद और राजेन्द्र प्रसाद के खिलाफ मुफस्सिल थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
E-PoS Ration Fraud: लाभुकों से बायोमेट्रिक लगवाया, लेकिन नहीं बांटा अनाज
आपूर्ति निरीक्षक कृष्णकांत की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, फरवरी माह में ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि दोनों डीलर ई-पॉस मशीन पर लाभुकों का अंगूठा लगवा लेते हैं, लेकिन अनाज का वितरण नहीं करते हैं. विभागीय स्तर पर जब मामले की प्राथमिक जांच कराई गई, तो शिकायत पूरी तरह सही पाई गई. इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर 16 जून को दोनों डीलरों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए.
नये विक्रेता को मशीन सौंपी, पर गोदाम से स्टॉक मिला खाली
लाइसेंस रद्द होने के बाद दोनों दुकानों को नए पीडीएस विक्रेता जय प्रकाश प्रसाद से टैग कर दिया गया. प्रभार सौंपने की प्रक्रिया के दौरान दोनों आरोपी डीलरों ने ई-पॉस मशीन, चार्जर, आइरिस स्कैनर और बैटरी तो सौंप दी, लेकिन मशीन के डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज खाद्यान्न का भौतिक स्टॉक नए विक्रेता को उपलब्ध नहीं कराया. गोदामों की जांच में सारा राशन नदारद मिला.
जांच में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, उमेश प्रसाद की दुकान के ई-पॉस रिकॉर्ड में 112.66 क्विंटल चावल और 28.46 क्विंटल गेहूं, यानी कुल 141.12 क्विंटल अनाज का भौतिक स्टॉक गायब मिला. वहीं, राजेन्द्र प्रसाद की दुकान में 318.32 क्विंटल चावल और 246.05 क्विंटल गेहूं, कुल 564.37 क्विंटल अनाज नहीं मिला. दोनों दुकानों को मिलाकर कुल 430.98 क्विंटल चावल और 274.51 क्विंटल गेहूं—यानी कुल 705.49 क्विंटल अनाज का हिसाब पूरी तरह गायब है.
कालाबाजारी की आशंका, पुलिस जांच में खंगाले जाएंगे रिकॉर्ड
विभागीय अधिकारियों ने इतने बड़े पैमाने पर खाद्यान्न के गबन अथवा खुले बाजार में कालाबाजारी की आशंका जताई है. सभी जरूरी डिजिटल रिकॉर्ड, विभागीय आदेश और दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं. मुफस्सिल थाना पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि गरीबों का राशन डकारने वाले इस नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके.
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