जेजे व पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से करायें पालन : डीएम

जेजे एक्ट व पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का निर्देश डीएम सौरभ जोरवाल ने अधिकारियों को दिया है.

मोतिहारी. जेजे एक्ट व पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का निर्देश डीएम सौरभ जोरवाल ने अधिकारियों को दिया है. कहा है कि कानून से भटक रहे बच्चों के पुनर्वास व उनके समुचित देख भाल पर खास ध्यान देने की जरूरत है. सोमवार को जिला बाल संरक्षण इकाई के तत्वावधान में समाहरणालय स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सभागार में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया. इस दौरान समाज कल्याण विभाग की ओर से आये रिसोर्स पर्सन अजय कुमार व बंकू बिहारी ने एक्ट के प्रावधानों व नियमों की विस्तार से जानकारी दी और कहा कि दोनों एक्ट बच्चों की सुरक्षा के लिए है. लेकिन दायरे अलग अलग हैं. जेजे एक्ट कानून से भटक रहे बच्चों (अपराधी या जरूरतमंद) के पुनर्वास और देखभाल पर केंद्रित है, जबकि पॉक्सो एक्ट बच्चों के खिलाफ यौन शोषण और अपराधों को रोकने, रिपोर्ट करने और दंडित करने के लिए है, जिसमें सख्त सजा और त्वरित सुनवाई का प्रावधान है. दोनों अधिनियमों में बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और गोपनीयता महत्वपूर्ण है, लेकिन पॉक्सो एक्ट यौन अपराधों के लिए विशेष और कठोर दंड देता है, जबकि जेजे एक्ट सामान्य बाल संरक्षण और सुधार पर ज़ोर देता है. जेजेबी,सीडब्लूसी,एसएचओ, पुलिस पदाधिकारियों व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से समय पर सभी दायित्वों का निर्वहन करने का अनुरोध किया. इस अवसर पर डीडीसी डॉ. प्रदीप कुमार,जिला विधिज्ञ सेवा संघ के सचिव,वरीय उपसमाहर्ता निधि कुमारी,जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक अक्षय कुमार व जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी व स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे.

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