चार चक्का वाहनों के परिचालन को लेकर भारत नेपाल बॉर्डर पर आमरण अनशन

इंडो नेपाल बॉर्डर के बैधनाथपुर- खाप बॉर्डर से चार चक्का वाहनों का परिचालन शुरू करने को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है

घोड़ासहन. इंडो नेपाल बॉर्डर के बैधनाथपुर- खाप बॉर्डर से चार चक्का वाहनों का परिचालन शुरू करने को लेकर सैकड़ो लोगों ने बॉर्डर पर टेंट व समायना लगाकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है. भारत से नेपाल को जोड़ने वाली पथ को अवरुद्ध कर दिया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोरोना के पूर्व उक्त बॉर्डर से चार चक्का वाहनों का आना-जाना होता था. लेकिन कोरोना के कारण लगाए गए लॉक डाउन के समय बंद कर दिया गया था.जिसके बाद से अब तक वाहनों का परिचालन शुरू नही कराया गया है. जबकि अन्य कई बोर्डरों से परिचालन शुरू कर दिया गया है. जिसके कारण सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शादी विवाह या अन्य आपातकालीन कार्यों को लेकर बीरगंज या गौर बॉर्डर से लोगों को जाना पड़ रहा है. पांच किलोमीटर जाने के लिए 25 किलोमीटर की दूरी लोगो को तय करनी पड़ रही है. नेपाल के रौतहट जिले के रामपुर खाप के पूर्व शिक्षक मोहम्मद तजमुल हक़ अपनी मांगों को लेकर सीमा नाका (बॉर्डर) संघर्ष समिति के बैनर तले आमरण अनशन पर बैठ कर लोगो के साथ प्रदर्शन कर रहे है. तजमुल हक समेत जगतलाल यादव ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच बेटी रोटी का संबंध पूर्व से चला आ रहा है. लेकिन वाहनों का परिचालन बंद होने से शादी ब्याह सहित अन्य जरूरी कार्यों में लोगों को परेशानी हो रही है. प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से मोहम्मद कपिल अंजुम वार्ड अध्यक्ष परोहा नगरपालिका,मोहम्मद वसी अख्तर,जुल्फिकार आलम,नदीम नैयर,साहब शाह,इकबाल शाह,नागेंद्र साहनीआदि शामिल थे. घोड़ासहन. इंडो नेपाल बॉर्डर के बैधनाथपुर- खाप बॉर्डर से चार चक्का वाहनों का परिचालन शुरू करने को लेकर सैकड़ो लोगों ने बॉर्डर पर टेंट व समायना लगाकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है. भारत से नेपाल को जोड़ने वाली पथ को अवरुद्ध कर दिया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोरोना के पूर्व उक्त बॉर्डर से चार चक्का वाहनों का आना-जाना होता था. लेकिन कोरोना के कारण लगाए गए लॉक डाउन के समय बंद कर दिया गया था.जिसके बाद से अब तक वाहनों का परिचालन शुरू नही कराया गया है. जबकि अन्य कई बोर्डरों से परिचालन शुरू कर दिया गया है. जिसके कारण सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शादी विवाह या अन्य आपातकालीन कार्यों को लेकर बीरगंज या गौर बॉर्डर से लोगों को जाना पड़ रहा है. पांच किलोमीटर जाने के लिए 25 किलोमीटर की दूरी लोगो को तय करनी पड़ रही है. नेपाल के रौतहट जिले के रामपुर खाप के पूर्व शिक्षक मोहम्मद तजमुल हक़ अपनी मांगों को लेकर सीमा नाका (बॉर्डर) संघर्ष समिति के बैनर तले आमरण अनशन पर बैठ कर लोगो के साथ प्रदर्शन कर रहे है. तजमुल हक समेत जगतलाल यादव ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच बेटी रोटी का संबंध पूर्व से चला आ रहा है. लेकिन वाहनों का परिचालन बंद होने से शादी ब्याह सहित अन्य जरूरी कार्यों में लोगों को परेशानी हो रही है. प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से मोहम्मद कपिल अंजुम वार्ड अध्यक्ष परोहा नगरपालिका,मोहम्मद वसी अख्तर,जुल्फिकार आलम,नदीम नैयर,साहब शाह,इकबाल शाह,नागेंद्र साहनीआदि शामिल थे.

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By Satendra prasad sat

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