Motihari : निगम में पावर की लड़ाई में प्रभावित हो रहा विकास कार्य

नगर निगम में जनप्रतिनिधियों के बीच अधिकार को ले ठन गयी है. इस लड़ाई में जनता का सबसे बड़ा नुकसान हो रहा है.

Motihari :मोतिहारी.नगर निगम में जनप्रतिनिधियों के बीच अधिकार को ले ठन गयी है. इस लड़ाई में जनता का सबसे बड़ा नुकसान हो रहा है. इस विवाद ने शहर के विकास की रफ्तार धीमी कर दी है. निगम बोर्ड और एक पार्षद की लड़ाई में 45 वार्ड का विकास पर ग्रहण लग गया है. इसमें करीब 49 करोड़ की गली, नाली निर्माण की 74 बड़ी योजनाएं अब भी संचिकाओं में अटका हुआ है. इन योजनाओं के निविदा पर करीब दो माह पहले विभाग ने रोक लगाया था. नगर विकास एवं आवास विभाग ने मामले में जांच की जिम्मेवारी डीएम को सौंपी थी, जो अबतक जांच के प्रक्रियाधीन है. जिसकी जांच के लिए पिछले सप्ताह ही जिला स्तरीय पदाधिकारियों की गठित टीम निगम कार्यालय पहुंचा और मेयर पर लगे आरोप की जांच की. जून माह में प्रकाशित योजना शर्त्त के अनुसार अधिकतक योजनाओं का निर्माण कार्य छह माह के भीतर ही पूरा होना था, ऐसे में अगर ससमय निविदा होती तो अगले तीन से चार माह में शहर की एक बड़ी आबादी को पक्का सड़क व नाला की समस्या से निजात मिल जाता.

विस चुनाव बन रहा मुद्दा

आगामी विधान सभा चुनाव अहम मूद्दा है, इसके आसपास ही आजकल निगम की राजनीति धूम रही है. यही कारण है कि निगम पिछले डेढ़ साल से अशांत चल रहा है. दो दलीय राजनीत के कसौटी पर सभी 46 वार्ड पार्षदों को कसा जा रहा है. इनमें पार्षदों को अपने-अपने खेमे में लाने के लिए योजनाओं के प्रलोभन भी दिये जा रहे है. हाल ही में एक माननीय द्वारा पार्षदों की बुलाई गयी, जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.

क्या कहते हैं अधिकारीशहर में विकास के करीब 36 करोड़ की योजनाओं का टेंडर हुआ है. स्ट्रीट लाइट सहित कई योजनाएं पाइप लाइन में है. जिसको लेकर जल्द ही निविदा निकाली जायेगी. 74 योजनाओं के निविदा पर विभाग द्वारा रोक लगायी गयी है.

सौरभ सुमन यादवनगर आयुक्त, नगर निगम मोतिहारी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SATENDRA PRASAD SAT

SATENDRA PRASAD SAT is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >