Motihari News: मोतिहारी. सुगौली थाना क्षेत्र के छपवा में टेंपो स्टैंड के नाम पर वाहन चालकों से कथित वसूली को लेकर विवाद सामने आया है. छपवा-हरसिद्धि राज्य मार्ग पर टेंपो रोककर 150 रुपये रोड टैक्स मांगने, विरोध करने पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाते हुए छगरहा निवासी चंद्रिका राम ने पुलिस को आवेदन दिया था. हालांकि, पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने अगले दिन सुबह अपना आवेदन वापस ले लिया. आवेदन वापस होने के बावजूद टेंपो स्टैंड के नाम पर वसूली को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं.
Sugauli News: 150 रुपये रोड टैक्स मांगने का लगाया था आरोप
चंद्रिका राम ने अपने आवेदन में बताया था कि वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ टेंपो से अरेराज मंदिर जा रहे थे. इसी दौरान छपवा आदर्श हाई स्कूल के समीप टेंपो स्टैंड के नाम पर उनसे 150 रुपये रोड टैक्स मांगा गया.
शिकायत के अनुसार राशि देने से इनकार करने पर विवाद बढ़ गया और उनके साथ मारपीट की गई. चंद्रिका राम ने पत्नी और बेटी के साथ बदसलूकी करने, जेब से 1500 रुपये निकालने तथा दोबारा टेंपो लेकर आने पर टेंपो जलाने और हाथ-पैर तोड़ने की धमकी देने का भी आरोप लगाया था.
अगले दिन शिकायतकर्ता ने वापस लिया आवेदन
मामले में अगले ही दिन नया मोड़ आ गया, जब चंद्रिका राम ने अपना आवेदन वापस ले लिया. सुगौली थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता ने अगले दिन सुबह आवेदन वापस ले लिया.
थानाध्यक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि बदतमीजी होने के कारण उसने आवेदन दिया था. आवेदन वापस लिए जाने के बाद पुलिस स्तर पर शिकायत से जुड़ी आगे की प्रक्रिया उसी आधार पर तय की जाएगी.
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टेंपो स्टैंड की कथित वसूली पर सवाल बरकरार
शिकायत वापस लिए जाने के बावजूद छपवा-हरसिद्धि राज्य मार्ग पर टेंपो स्टैंड के नाम पर वाहन चालकों से राशि लेने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय स्तर पर पहले भी ट्रक चालकों से कथित वसूली की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है.
ऐसे में लोगों का सवाल है कि आखिर राज्य मार्ग पर वाहन चालकों से राशि लेने की व्यवस्था किस आधार पर संचालित हो रही है और इसके लिए किस स्तर से अनुमति दी गई है.
संवेदक ने डीडीसी के टेंडर का किया दावा
फुलवरिया निवासी विकास कुमार सिंह ने दावा किया है कि डीडीसी की ओर से छपवा-हरसिद्धि राज्य मार्ग पर टेंपो चालकों से वसूली के लिए टेंडर दिया गया है. यदि यह दावा सही है तो प्रशासन की ओर से टेंडर से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी होगा.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि टेंडर किसे दिया गया है, इसकी अवधि क्या है और टेंपो चालकों से कितनी राशि लेने की अनुमति है. साथ ही वसूली के दौरान वाहन चालकों को रसीद दी जाती है या नहीं, इसकी भी जानकारी सामने आनी चाहिए.
वैध वसूली है तो दर और नियम सार्वजनिक करने की मांग
लोगों का कहना है कि यदि वसूली वैध टेंडर के तहत की जा रही है तो निर्धारित दर, नियम और शर्तों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि वाहन चालकों के बीच भ्रम की स्थिति न रहे.
वहीं, यदि जांच में वसूली नियमों के विपरीत पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए. फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा आवेदन वापस लिए जाने के बाद भी छपवा की सड़क पर टेंपो स्टैंड के नाम पर कथित वसूली का मुद्दा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है.
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