Motihari News: बंजरिया. बिहार सरकार के कृषि विभाग की उच्चस्तरीय पीपीएम (प्लांट प्रोटेक्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग) टीम ने शनिवार को बंजरिया प्रखंड क्षेत्र का दौरा किया. टीम ने हाल ही में उर्वरक कालाबाजारी की सूचना पर सील किए गए विभिन्न गोदामों का स्थल निरीक्षण किया. इस दौरान गोदामों की स्थिति और पूर्व में हुई कार्रवाई से संबंधित बिंदुओं की जानकारी ली गई. अधिकारियों को आगे की कार्रवाई और निगरानी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए.
Banjaria News: लक्ष्मण चौक के सील गोदाम का किया निरीक्षण
पटना से पहुंची उच्चस्तरीय टीम ने बंजरिया के कई ठिकानों का क्रमवार निरीक्षण किया. टीम ने सबसे पहले लक्ष्मण चौक स्थित मिथिलेश कुमार सुनील कुमार के सील गोदाम का जायजा लिया. इसके बाद मेसर्स तरुण खाद बीज भंडार के तीनों गोदामों की गहन पड़ताल की गई.
इनमें चांटी माई मॉडर्न पब्लिक स्कूल के समीप, बंजरिया पोखरा और अंबिका नगर चंचल बाबा मठ खेतान के पास स्थित गोदाम शामिल हैं. टीम ने सभी स्थानों पर पूर्व में की गई कार्रवाई और गोदामों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली.
लचर मॉनिटरिंग पर अधिकारी को फटकार
जांच टीम में अपर निदेशक (शस्य) सह निदेशक पीपीएम संतोष कुमार उत्तम, संयुक्त निदेशक (शस्य) राजीव कुमार और उप निदेशक (शस्य) सह सूचना एवं जनसंपर्क अविनाश कुमार शामिल थे.
स्थानीय स्तर पर जिला कृषि पदाधिकारी मृणाल शास्त्री, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुरेश प्रसाद, बीएओ अनामिका भारती, कृषि समन्वयक कामेश्वर सिंह और किसान सलाहकार अभय तिवारी भी मौजूद रहे.
निरीक्षण के दौरान पटना से आई टीम ने उर्वरक की निगरानी व्यवस्था में लचर मॉनिटरिंग को लेकर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगाई. टीम ने कृषि विभाग के अधिकारियों को उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की निगरानी को लेकर आवश्यक निर्देश दिए.
13 और 14 सितंबर को हुई थी छापेमारी
गौरतलब है कि बीते 13 सितंबर को लक्ष्मण चौक स्थित मिथिलेश कुमार सुनील कुमार के गोदाम पर उर्वरक कालाबाजारी की सूचना पर छापेमारी की गई थी. इसके अगले दिन 14 सितंबर को मेसर्स तरुण खाद बीज भंडार के तीनों गोदामों में भी कार्रवाई की गई थी.
सदर एसडीओ अरुण कुमार और डीएसपी दिलीप कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के बाद दोनों गोदाम संचालकों के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसके साथ ही संबंधित गोदामों को सील कर दिया गया था.
चार गोदामों की स्थिति का लिया जायजा
उच्चस्तरीय टीम के निरीक्षण का मुख्य केंद्र उन गोदामों की जमीनी स्थिति रही, जिन्हें पूर्व में हुई कार्रवाई के बाद सील किया गया था. टीम ने अलग-अलग स्थानों पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय अधिकारियों से कार्रवाई से जुड़ी जानकारी ली.
