Motihari News: मोतिहारी. महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजभाषा प्रकोष्ठ एवं हिंदी विभाग की ओर से मंगलवार को कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वरचित कविताओं के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा और भावनाओं को शब्दों में अभिव्यक्त किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के राजभाषा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. राजेंद्र सिंह ने की. उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कविता स्वरचित और मौलिक होनी चाहिए तथा उसमें अपने समय की संवेदना की अभिव्यक्ति होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कविता में भावों की अभिव्यक्ति के साथ इतिहास, जीवन, संस्कृति और समाज भी मौजूद होते हैं.
कविता को समाज को दिशा देने का माध्यम बताया
स्वागत वक्तव्य में हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. श्यामनंदन ने कहा कि हिंदी में कविता केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को दिशा देने का भी काम करती है.
उन्होंने कहा कि कविता के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों और कल्पनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है. कविता व्यक्ति के भीतर की भावनाओं और संवेदनाओं को शब्दों में ढालने का माध्यम भी है.
निर्णायक मंडली ने कविता की भूमिका पर रखे विचार
प्रतियोगिता की निर्णायक मंडली में शामिल अंग्रेजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. उमेश पात्रा ने कहा कि कविता मनुष्य की भावनाओं और संवेदनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति है. यह जीवन के सुख-दुख, संघर्ष और अनुभवों को शब्दों में व्यक्त करती है.
मीडिया विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सुनील दीपक घोड़के ने हिंदी भाषा के एकीकरण और कविता के महत्व पर अपने विचार साझा किये. वहीं संस्कृत विभाग की सहायक आचार्य डॉ. मोहिनी श्रीवास्तव ने कहा कि कविता केवल कल्पनाओं का संयोजन नहीं है, बल्कि उसमें भावनाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
अंजली कुमारी ने जीता पहला पुरस्कार
कविता प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया. प्रतियोगिता के परिणाम में हिंदी विभाग की अंजली कुमारी ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया.
पुरस्कारों का परिणाम इस प्रकार रहा:
- प्रथम पुरस्कार: अंजली कुमारी, हिंदी विभाग
- द्वितीय पुरस्कार: सोनी कुमारी, हिंदी विभाग
- तृतीय पुरस्कार: विनय कुमार यादव, मीडिया विभाग
प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी कविताओं के माध्यम से रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
शोधार्थी शिवम कुमार सिंह ने किया मंच संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन हिंदी विभाग के शोधार्थी शिवम कुमार सिंह ने किया. धन्यवाद ज्ञापन हिंदी अधिकारी डॉ. गोविन्द प्रसाद वर्मा ने किया.
कार्यक्रम में संस्कृत विभाग के सहायक आचार्य डॉ. बबलू पाल समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे. प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा और साहित्यिक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का मंच मिला.
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