केसरिया: विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बुधवार को स्तूप परिसर का निरीक्षण कर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए.
टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने सबसे पहले कैफेटेरिया परिसर में विकसित किए जा रहे टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर का निरीक्षण किया. उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया.
एएसआई अधिकारियों से ली ऐतिहासिक जानकारी
इसके बाद आनंद किशोर ने केसरिया बौद्ध स्तूप का भ्रमण किया. इस दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) पटना अंचल के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. हरिओम शरण ने उन्हें स्तूप के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की विस्तृत जानकारी दी. निरीक्षण में क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ. एस. सुधाकर, जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, चकिया एसडीओ शिवानी शुभम, बीडीओ कुमुद कुमार, सीओ पूनम मिश्रा, बीईओ विनय कुमार तिवारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
पर्यटकों के लिए विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि केसरिया बौद्ध स्तूप और आसपास के क्षेत्र का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत विकास योजना तैयार की जाएगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
जरूरत पड़ने पर होगा भूमि अधिग्रहण
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए जितनी भूमि की आवश्यकता होगी, उसका अधिग्रहण भी किया जाएगा. सभी आयु वर्ग के पर्यटकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य केसरिया बौद्ध स्तूप को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक आकर्षक पहचान दिलाना है.
