चार किमी की दूरी तय कर गांव की सरकार चुनने जायेंगे 150 से अधिक मतदाता

एक तरफ जहां त्रिस्तरी पंचायत चुनाव जारी है, और दूसरे फेज के चुनाव पश्चात नतीजे भी घोषित हो चुके हैं. वहीं जिला में कुछ ऐसे भी गांव है, जहां के मतदाताओं को आज भी लंबी दूरी तय कर मतदान करने जाना पड़ता है.

सीवान. एक तरफ जहां त्रिस्तरी पंचायत चुनाव जारी है, और दूसरे फेज के चुनाव पश्चात नतीजे भी घोषित हो चुके हैं. वहीं जिला में कुछ ऐसे भी गांव है, जहां के मतदाताओं को आज भी लंबी दूरी तय कर मतदान करने जाना पड़ता है. ऐसा ही एक गांव मैरवा प्रखंड में सेवतापुर पंचातय स्थित भरौली है. इस गांव की आबादी 250 से अधिक है.

जहां के मतदाता आजादी के बाद से ही लंबी दूरी तय कर मतदान करने जाते रहे हैं. एक बार फिर इस गांव के तकरीबन 150 से अधिक मतदाता त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चार किलो मीटर से भी अधिक दूरी तय कर गांव की अपनी सरकार चुनने जायेंगे. यह स्थिति तब है जब सरकार वोटरों को बूथ तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए हर सुविधा मुहैया करा रही है. बूथ बनाने के दौरान दूरी का भी ख्याल रख रही है.

बताते चलें कि चौथे फेज में 20 अक्तूबर को मैरवा प्रखंड के सभी पंचायतों का चुनाव होना है. यहां के मतदाताओं को कम से कम चार किलों मीटर की दूरी तय कर मतदान करते अटवां जाना पड़ता है. अटवां गांव में दो वार्ड 13 व 14 पड़ता है, और भरौली गांव 14 नंबर वार्ड में आता है. मौजूदा समय में बारिश होने से यह दूरी बढ़कर साढ़े चार किलोमीटर से अधिक हो गयी है. कारण कि अटवां व भरौली गांव के बीच बने सड़क मार्ग में पुल नहीं बनने से पुरा पानी भर गया है.

इस स्थति में मतदाताओं को अब पुखरेड़ा, विजयीपुर मोड़ होते हुए करछुई के पास से अटवां गांव स्थित मतदान केंद्र पर जाना पड़ेगा. हालात यह है कि युवा मतदाता के लिए तो दूरी तय करना संभव है, परंतु दिव्यांग व बुजुर्ग मतदाताओं को काफी परिशानियों का सामना पहले और अब भी करना होगा.

इधर इस समस्या से निपटने के लिए दिव्यांग मतदाता ध्रुपदेव गिरि सहित बुजुर्ग मतदाता सत्यानारायण गिरि, राम बदन गिरि, केदार नाथ गिरि, धनश्याम गिरि, सुभाष गिरि, दुर्गा चरण गिरि, राजेंद्र गिरि, बलिराम गिरि, राम निवास गिरि, बशिष्ट गिरि, राम हृदया गिरि, राम बहादुर गिरि, जनकदेव गिरि, विजय गिरि, मंगलदेव गिरि सहित बुजुर्ग महिला मदाताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित जिला पदाधिकारी से चलंत बूथ गांव में बनाने की मांग की है, ताकि अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में गांव की सरकार चुनने में मदद मिल सके.

इधर इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि मौजूदा समय में जब पहले ही बूथ का निर्धारण हो गया है, और मतदान कुछ दिनों बाद है, किसी भी प्रकार के बूथ का निर्धारण संभव नहीं है. बीडीओ ने बताया कि अगले किसी भी चुनाव से पूर्व कार्याला को आवेदन प्राप्त होने पर जांचों परांत इसका निर्धारण किया जा सकता है.

Posted by Ashish Jha

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